नई दिल्ली : केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET), 2019 में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10 फीसद आरक्षण की मांग करने वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को केंद्र सरकार और सीबीएसई से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की अवकाश पीठ ने याचिका पर केंद्र और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) को नोटिस जारी करते हुए उनसे मामले में सुनवाई की अगली तारीख एक जुलाई तक जवाब दायर करने को कहा है।
न्यायालय आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के कुछ याचिकाकर्ताओं की याचिका पर सुनवाई कर रहा था जो CTET-2019 में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं।
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याचिकाकर्ताओं ने शीर्ष अदालत को बताया कि CBSE ने CTET कराने के लिये 23 जनवरी 2019 को विज्ञापन जारी किया था जिसमें समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को 10 फीसद आरक्षण देने का जिक्र नहीं किया गया है।


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