अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) का मानना है कि एक वर्ष पहले भारत ने नोटबंदी की जो कवायद की थी, उसके मध्यम अवधि में लाभ मिलेंगे। आईएमएफ के विलियम मरे ने हर पखवाड़ होने वाले संवाददाता सम्मेलन में कहा, हमें लगता है कि एक वर्ष पहले हुई नोटबंदी के शानदार लाभ होंगे। इन लाभ के दूर तक जाने की संभावना है।
मरे ने कहा कि नोटबंदी की वजह से नकदी की कमी के कारण मुख्य रूप से, शुरूआती तौर पर, निजी उपभोग, लघु उद्योग और आर्थिक गतिविधियों में कुछ अस्थायी बाधाएं पैदा हुई। उन्होंने कहा, (लेकिन) इनके प्रभाव अस्थायी होंगे।
मरे ने कहा, आर्थिक गतिविधियों पर सूचना एवं उनकी अधिक औपचारिकता और बैंकिंग प्रणाली एवं डिजिटल भुगतान के अधिक प्रयोग से अधिक प्रभावशाली भुगतान प्रणाली के जरिए मध्यम अवधि में नोटबंदी के संभावित प्रभाव पड़ सकते हैं। आईएमएफ जनवरी में भारत के साथ-साथ दुनिया के अन्य देशों की विकास दर पर अपने अनुमान जारी करने वाला है।
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