पटना, 30 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के एक बयान ने फिर सियासी पारा बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा था कि सपा सांपनाथ है, बसपा नागनाथ है और कांग्रेस कालिया नाग है। अगर ये 2027 का चुनाव एक साथ मिलकर लड़ेंगे तो भी हारेंगे और अलग-अलग लड़ेंगे तो भी हारेंगे। उनके इस बयान का एनडीए नेताओं ने समर्थन किया है।
बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, “केशव प्रसाद मौर्य ने सही बोला है। जब सपा का शासन था, तब क्या हालात थे? रोज सांप्रदायिक दंगे होते थे, गुंडाराज था। आम जनता सुरक्षित नहीं थी। आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राज में सांप्रदायिक दंगों की घटनाएं बीते दिनों की बात हो गई है। आज वहां कानून का राज है, निवेश आ रहा है। आज उत्तर प्रदेश तरक्की की राह पर है।”
उन्होंने कहा, “चुनाव के समय समाजवादी पार्टी हो या कांग्रेस, ये स्वार्थ का गठबंधन बनाते हैं, इससे कोई अंतर नहीं पड़ता। उत्तर प्रदेश के लोगों ने लगातार भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में एनडीए का सुशासन देखा है, वहां आम लोगों को सरकार की योजनाओं की सुविधा मिल रही है और गुंडाराज समाप्त हो गया है।”
बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने भी केशव मौर्य के बयान को सही ठहराया। उन्होंने कहा, “केशव मौर्य ने ठीक ही कहा है। कोई सांपनाथ है तो कोई नागनाथ है। इन सबसे कुछ होने वाला नहीं है बल्कि इन सबसे डर के रहना चाहिए। जनता को ऐसे लोगों से सतर्क रहना चाहिए, ये खतरनाक लोग हैं।” उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा, “जनता को बचकर रहना चाहिए, ये सब भेष बदलकर आए हैं। इनका चेहरा कुछ और है और अंदर से कुछ और हैं, दिखा कुछ और रहे हैं।”
वहीं, उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम के बयान पर जदयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “शब्दों का चुनाव सही होना चाहिए लेकिन अगर उन्होंने ये बातें कही हैं, तो उनके पीछे की भावना को देखना चाहिए। भावना गलत नहीं है। शब्द गलत हो सकते हैं लेकिन भावना सही है।”
उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा, “ये लोग देश और लोकतंत्र को बर्बाद कर रहे हैं। इन्होंने कई बार लोकतंत्र की हत्या की है। जब भी ये सत्ता में आए हैं, इन्होंने लोकतंत्र की हत्या की है। केशव प्रसाद की बातों पर कोई शक नहीं है, कांग्रेस सच में लोकतंत्र की हत्यारी है।”
–आईएएनएस
पीआईएम/पीएम
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