Mahatma Gandhi Interesting Facts: महात्मा गांधी, जिन्हें लोग प्यार से बापू के नाम से जानते हैं। उनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। बापू का जन्म गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। उनकी माता का नाम पुतलीबाई और पिता का नाम करमचंद गांधी था। महात्मा गांधी के पिता पोरबंदर और राजकोट रियासत के दीवान (प्रधानमंत्री) थे। वहीं, उनकी माता पुतलीबाई उनके पिता की चौथी पत्नी थीं।
बापू अपने भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। उनकी एक बड़ी बहन रलियात और दो बड़े भाई लक्ष्मीदास और कृष्णदास थे। बापू का विवाह वर्ष 1882-83 में कस्तूरबा गांधी से हुआ था। उनके चार पुत्र थे, जिनके नाम हरिलाल, मणिलाल, रामदास और देवदास थे।
महात्मा गांधी एक महान स्वतंत्रता सेनानी
भारत को आजादी दिलाने के लिए बापू ने पूरी जिंदगी संघर्ष किया। महात्मा गांधी को ब्रिटिश शासन के खिलाफ भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन का प्रमुख नेता माना जाता था। भारत के लिए उनके संघर्ष और बलिदान की वजह से देश का हर बच्चा उन्हें राष्ट्रपिता के नाम से भी जानता है। महात्मा गांधी ने अपनी शुरुआती शिक्षा भारत में पूरी की।
इसके बाद वे कानून की पढ़ाई के लिए इंग्लैंड गए और अपनी वकालत की पढ़ाई पूरी की। बाद में उन्होंने वकील के रूप में अपने पेशे की शुरुआत की। वर्ष 1914 में गांधी जी भारत वापस लौट आए। महात्मा गांधी के जीवन से जुड़ी ऐसी कई बातें हैं, जिनके बारे में आज भी बहुत कम लोग जानते हैं। आइए जानते हैं उनके जीवन से जुड़ी 10 खास बातें।
ये हैं बापू के जीवन से जुड़ी 10 खास बातें।
- महावीर स्वामी के पंचमहाव्रत और महात्मा बुद्ध के अष्टांगिक मार्ग से प्रभावित होने के बावजूद महात्मा गांधी के पास हमेशा भगवद्गीता की एक प्रति रहती थी।
- महात्मा गांधी अपने जीवन में प्रतिदिन करीब 18 किलोमीटर पैदल चलते थे। कहा जाता है कि उनके जीवनकाल में उनकी पैदल यात्रा की कुल दूरी पृथ्वी के लगभग दो चक्कर लगाने के बराबर थी।
- गांधी जी अपनी सेहत को लेकर काफी सजग रहते थे। वे अपने जीवन में 110 वर्ष तक जीना चाहते थे। इसके लिए वे प्राकृतिक उपचारों का भी इस्तेमाल करते थे। पेट की गर्मी कम करने के लिए वे पेट पर गीली मिट्टी की पट्टियां बांधते थे।
- महात्मा गांधी ने अपने जीवनकाल में कभी विमान से यात्रा नहीं की। वे आमतौर पर ट्रेन से सफर करते थे। गांधी जी कभी अमेरिका भी नहीं गए। वर्ष 1930 में अमेरिकी टाइम मैगजीन ने उन्हें ‘Man of the Year’ चुना था।
- महात्मा गांधी का जन्म शुक्रवार को हुआ था। भारत को स्वतंत्रता भी शुक्रवार के दिन मिली थी और गांधी जी की हत्या भी शुक्रवार को ही हुई थी।
- अफ्रीका से भारत लौटने के बाद महात्मा गांधी ने वर्ष 1915 में अहमदाबाद के कोचरब में 25 मई को सत्याग्रह आश्रम की स्थापना की थी। बाद में वर्ष 1917 में इसे साबरमती नदी के किनारे करीब 36 एकड़ जमीन पर स्थानांतरित किया गया। इसके बाद यह आश्रम नदी के नाम पर साबरमती आश्रम के नाम से प्रसिद्ध हो गया।
- महात्मा गांधी को पहली बार सुभाष चंद्र बोस ने ‘राष्ट्रपिता’ कहकर संबोधित किया था। 4 जून 1944 को सिंगापुर रेडियो से प्रसारित अपने एक संदेश में सुभाष चंद्र बोस ने गांधी जी को ‘राष्ट्रपिता’ कहकर संबोधित किया था।
- वर्ष 1934 में भागलपुर में भूकंप पीड़ितों की मदद के लिए महात्मा गांधी ने अपने ऑटोग्राफ के बदले पांच-पांच रुपये की राशि ली थी। इस राशि का इस्तेमाल भूकंप पीड़ितों की सहायता के लिए किया गया था।
- महात्मा गांधी के नाम पर भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी कई सड़कों के नाम रखे गए हैं। भारत में 53 सड़कों और विदेशों में 48 सड़कों के नाम महात्मा गांधी के नाम पर होने का दावा किया जाता है।
- महात्मा गांधी को वर्ष 1948 में नोबेल पुरस्कार मिलने से पहले ही उनकी हत्या कर दी गई थी। उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए पांच बार नामांकित किया गया था। हालांकि, उन्हें यह पुरस्कार कभी नहीं मिला।
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