देश में पेट्रोलियम उत्पादों का कोई संकट नहीं है : गजेंद्र सिंह शेखावत

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जोधपुर, 14 मार्च (आईएएनएस)। पेट्रोलियम उत्पादों की किल्लत पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि मैं पूरी जिम्मेदारी से कह सकता हूं कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों का कोई संकट नहीं है। मध्य पूर्व में जिस तरह से संघर्ष की स्थिति बनी हुई है, उसकी वजह से सभी देशों के सामने चुनौती आ रही है। पड़ोसी देशों से तुलना करें तो पाकिस्तान में इमरजेंसी जैसे हालात हैं। बांग्लादेश में छुट्टी घोषित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जनवरी की तुलना में मार्च में पेट्रोलियम पदार्थों पर 15 से 25 प्रतिशत तक कीमतें…

जोधपुर, 14 मार्च (आईएएनएस)। पेट्रोलियम उत्पादों की किल्लत पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि मैं पूरी जिम्मेदारी से कह सकता हूं कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों का कोई संकट नहीं है। मध्य पूर्व में जिस तरह से संघर्ष की स्थिति बनी हुई है, उसकी वजह से सभी देशों के सामने चुनौती आ रही है। पड़ोसी देशों से तुलना करें तो पाकिस्तान में इमरजेंसी जैसे हालात हैं। बांग्लादेश में छुट्टी घोषित कर दी गई है।

उन्होंने कहा कि जनवरी की तुलना में मार्च में पेट्रोलियम पदार्थों पर 15 से 25 प्रतिशत तक कीमतें बढ़ गई हैं। अमेरिका में 22 प्रतिशत कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। जबकि, भारत में न तो एक रुपए कीमत बढ़ाई गई और न तो किसी तरह की कोई शॉर्टेज है। भारत में अधिकांश कच्चे तेल को आयात किया जाता है। ईरान के रोक लगाने से आपूर्ति कुछ बाधित हुई। उन्होंने कहा कि सरकार समझौते कर 40 देशों से क्रूड ऑयल इंपोर्ट कर रही है।

एलपीजी को लेकर उन्होंने कहा कि गैस की सप्लाई बाधित हुई है। सप्लाई बाधित होने की वजह से सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए आपूर्ति का पूरा प्रबंध किया है। आज कहीं किसी को किसी तरह के एलपीजी सिलेंडर की कमी नहीं है। कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

बता दें कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष में भारत के लिए अच्छी खबर यह है कि एलपीजी (रसोई गैस) ले जाने वाला जहाज शिवालिक होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित पार कर गया है। इस जहाज में करीब 50,000 टन से ज्यादा एलपीजी ले जाने की क्षमता है। इसी वजह से इस जहाज का सुरक्षित निकलना भारत के लिए काफी अहम माना जा रहा है।

फिलहाल, भारत में एलपीजी की कोई किल्लत नहीं है, लेकिन वैश्विक हालात को देखते हुए लोग घबराहट में एलपीजी सिलेंडर बुक कर रहे हैं। शुक्रवार को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा था कि गलत सूचनाओं के कारण लोग घबराकर बुकिंग और जमाखोरी करने लगे हैं। घरेलू एलपीजी डिलीवरी का औसत चक्र लगभग ढाई दिन का है। डायवर्जन को रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) सिस्टम लागू किया गया है।

–आईएएनएस

एसडी/एबीएम

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