एक करोड़ परिवारों को उद्यमी परिवार बनाना सरकार की प्राथमिकता: सीएम सम्राट चौधरी

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पटना, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार के एक करोड़ परिवारों को उद्यमिता और आर्थिक स्वावलंबन से जोड़कर उद्यमी परिवार बनाना है। उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में उद्योग, रोजगार, शिक्षा, आधारभूत संरचना और ऊर्जा के क्षेत्र में व्यापक स्तर पर काम किया जाएगा। सीएम सम्राट चौधरी पटना के हबापू सभागार में उद्योग विभाग की ओर से आयोजित मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत चयनित लाभुकों के एक दिवसीय उन्मुखीकरण एवं प्रथम किस्त वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया…

पटना, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार के एक करोड़ परिवारों को उद्यमिता और आर्थिक स्वावलंबन से जोड़कर उद्यमी परिवार बनाना है। उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में उद्योग, रोजगार, शिक्षा, आधारभूत संरचना और ऊर्जा के क्षेत्र में व्यापक स्तर पर काम किया जाएगा।

सीएम सम्राट चौधरी पटना के हबापू सभागार में उद्योग विभाग की ओर से आयोजित मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत चयनित लाभुकों के एक दिवसीय उन्मुखीकरण एवं प्रथम किस्त वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया और वित्तीय वर्ष 2025-26 में चयनित लाभुकों को सांकेतिक चेक प्रदान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के प्रथम, द्वितीय और तृतीय किस्त के 7 हजार से अधिक लाभुकों के बैंक खातों में राशि हस्तांतरित की गई।

मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी जिलों में स्थापित एमएसएमई केंद्रों का उद्घाटन भी किया। साथ ही बिहार एमएसएमई नीति-2026, मुख्यमंत्री सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग क्लस्टर विकास योजना-2026 तथा सूक्ष्म एवं लघु उद्यम सुविधा परिषद नियामावली-2026 पर आधारित पुस्तिका का विमोचन किया। सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत एमएसएमई क्षेत्र में 45 हजार उद्यमी तैयार किए जा रहे हैं। इनमें 14 हजार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति, 10 हजार अतिपिछड़ा वर्ग, 9,500 महिलाएं, 9 हजार युवा और 2,500 अल्पसंख्यक वर्ग के उद्यमी शामिल हैं। इस योजना पर राज्य सरकार 3,500 करोड़ रुपए खर्च कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एमएसएमई क्षेत्र के लिए 10 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। इसमें कम से कम दसवां हिस्सा बिहार को मिलने की संभावना है। इससे राज्य के छोटे और मध्यम उद्यमों को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इसके लिए प्रधानमंत्री का आभार भी जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए पीपीपी मोड में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश लाने का लक्ष्य रखा गया है। अगले पांच वर्षों में उद्योगों के लिए 20 हजार मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। बिहार में निर्मित वस्तुओं को सरकारी खरीद में प्राथमिकता देने के लिए परचेज प्रिफरेंस एक्ट के तहत 25 से 40 प्रतिशत तक सरकारी खरीद की जाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि बिहार के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़े। युवा रोजगार मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी बनें। इसी उद्देश्य से प्रत्येक जिले में एमएसएमई केंद्र खोले गए हैं, जहां स्थानीय उद्यमियों को मार्गदर्शन और सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने शिक्षा और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि राज्य में 700 स्थानों पर सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल खोले गए हैं, जबकि 211 डिग्री कॉलेज स्थापित किए जा चुके हैं। अगले वर्ष से इन कॉलेजों में विज्ञान की पढ़ाई शुरू करने की दिशा में काम होगा। उन्होंने कहा कि अगले दो वर्षों में राज्य के 20 महत्वपूर्ण स्थानों पर रोप-वे निर्माण की दिशा में काम किया जाएगा। कृषि फीडरों को आगामी एक वर्ष में 100 प्रतिशत सौर ऊर्जा से जोड़ने का भी लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग के जीवन में खुशहाली और आर्थिक स्वावलंबन लाना है। उन्होंने सभी से बिहार को समृद्ध बनाने में सहभागी बनने का आह्वान किया।

–आईएएनएस

एमएनपी/डीकेपी

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IANS Agency

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