BREAKING: चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, इन 6 राज्यों में बढ़ी SIR की समयसीमा

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Election Commission Major Decision: चुनाव आयोग ने गुरूवार को बड़ा फैसला सुनाया है। आयोग की एक बैठक में अहम निर्णय लिया गया। यह निर्णय SIR से जुड़ा था। चुनाव आयोग ने देश के 6 राज्यों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की समय सीमा बढ़ा दिया है। बता दें कि चुनाव आयोग की तरफ से जिन 6 राज्यों मे SIR की समयसीमा बढ़ाई गई है। उसमें अहम तौर से यूपी, मध्य प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ और अंडमान निकोबार शामिल हैं। ऐसे में 5 राज्य और एक UT शामिल है। SIR Timeline Increased: यूपी में कब तक होगा SIR? निर्वाचन…

Election Commission Major Decision: चुनाव आयोग ने गुरूवार को बड़ा फैसला सुनाया है। आयोग की एक बैठक में अहम निर्णय लिया गया। यह निर्णय SIR से जुड़ा था। चुनाव आयोग ने देश के 6 राज्यों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की समय सीमा बढ़ा दिया है। बता दें कि चुनाव आयोग की तरफ से जिन 6 राज्यों मे SIR की समयसीमा बढ़ाई गई है। उसमें अहम तौर से यूपी, मध्य प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ और अंडमान निकोबार शामिल हैं। ऐसे में 5 राज्य और एक UT शामिल है।

SIR Timeline Increased: यूपी में कब तक होगा SIR?

Election Commission Major Decision
Election Commission Major Decision

निर्वाचन आयोग के अनुसार, चुनाव आयोग की तरफ से यूपी में 31 दिसंबर 2025 तक विशेष गहन पुनरीक्षण SIR करवा सकेंगे.

Election Commission Major Decision: बाकी राज्यों में कब तक होगा SIR?

इसी तरह यूपी के साथ-साथ अन्य पांच जगहों पर SIR की समयसीमा बढ़ाई गई है। तमिलनाडु में 19 दिसंबर 2025 तक SIR करवाया जा सकता है। जबकि गुजरात में भी 19 दिसंबर 2025 तक SIR करवाया जा सकता है। मध्य प्रदेश की बात करें तो यहां पर 23 दिसंबर तक विशेष गहन पुररीक्षण करवाया जा सकता है. छत्तीसगढ़ में भी 23 दिसंबर 2025 तक SIR करवाया जा सकता है. इसके अलावा अंडमान निकोबार आईलैंड में ये तारीख 23 दिसंबर तक बढ़ाई गई है. पहले अंडमान में 18 दिसंबर तक ही SIR करवाने का कहा गया था.

SIR News Today: क्या है SIR (मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण)?

Election Commission Major Decision
Election Commission Major Decision

बता दें कि SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) मतदाता सूची की गुणवत्ता सुधारने और उसे सही-सटीक बनाने की एक विशेष प्रक्रिया है। इसमें चुनाव आयोग मतदाता सूची को घर-घर सर्वे, दस्तावेज़ सत्यापन और रिकॉर्ड मिलान द्वारा अच्छी तरह जाँचता है। SIR के दौरान नए योग्य मतदाताओं को पंजीकृत किया जाता है, मृत, स्थानांतरित या दोहरे नाम हटाए जाते हैं, तथा त्रुटियाँ सुधारी जाती हैं। यह प्रक्रिया आमतौर पर चुनाव से पहले चलती है ताकि मतदाता सूची अद्यतन और विश्वसनीय हो। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक पात्र नागरिक मतदान कर सके और कोई भी अपात्र नाम सूची में शामिल न रह जाए।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।