महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के खंडाला गांव में किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस बीच पीएनबी बैंक घोटाले में आरोपी नीरव मोदी की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। दरअसल महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में कुछ किसानों ने नीरव मोदी की 250 एकड़ जमीन पर कब्जा करके उस पर खेती करना शुरु कर दिया है।
किसानों का कहना है कि यह जमीन उन्हीं की थी और नीरव मोदी ने उनसे औने-पौने (काफी कम) दामों में खरीदी थी। बताया जा रहा है कि नीरव मोदी ने किसानों से जमीन 10000 रुपए प्रति एकड़ की दर से खरीदी था, जबकि असल में जमीन का मूल्य उस समय 20 लाख रुपए प्रति एकड़ था। किसानों ने अब फैसला किया है कि वह अब इलाके के भू-माफियाओं का विरोध करेंगे और उनसे अपनी जमीन वापस लेंगे। किसानों का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि उनका यह संदेश पूरे महाराष्ट्र में फैलेगा, जिससे अन्याय के खिलाफ लड़ रहे किसानों को मदद मिलेगी।
गौरतलब है कि हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उनके रिश्तेदार मेहुल चौकसी PNB में हुए करीब 11 हजार करोड़ रुपए के घोटाले के आरोपी हैं। ये घोटाला पीएनबी के मुंबई की ब्रेडी हाउस ब्रांच में हुआ है, जिसकी शुरुआत साल 2011 से हुई थी।
इस घोटाले के तहत पिछले 8 सालों में हजारों करोड़ रुपए फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स (LOU) के जरिए विदेशी अकाउंट्स में ट्रांसफर किए गए। वहीं इस मामले पर पीएनबी का कहना है कि फिलहाल सीबीआई जांच चल रही है और जांच के बाद ही एलओयू के भुगतान से संबंधित कोई फैसला लिया जाएगा।
पीएनबी के साथ ही इस महाघोटाले का असर SBI, इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया समेत करीब दो दर्जन बैंकों पर पड़ा है। सीबीआई, इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया और ईडी मिलकर इस मामले में कारवाई कर रहे हैं। वहीं गुरुवार को सरकार ने लोकसभा में जानकारी दी है कि विजय माल्या और नीरव मोदी की तरह 31 बिजनेसमैन देश में घोटाला करके फरार हैं।
बता दें कि नीरव मोदी और उनके मामा मेहुल चौकसी पर बैंकिंग घोटाले का आरोप है। नीरव मोदी कई बार प्रवर्तन निदेशालय के बुलाने के बावजूद भी भारत लौटने को तैयार नहीं हैं।
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