असम के औद्योगिक इतिहास में नया अध्याय, पीएम मोदी आज करेंगे नामरूप में 11,000 करोड़ की फर्टिलाइजर परियोजना का उद्घाटन

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Fertilizer project inauguration: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 दिसंबर को असम के औद्योगिक शहर नम्रूप का ऐतिहासिक दौरा करेंगे। इस दौरान वे 11,000 करोड़ रुपए की अमोनिया-यूरिया उर्वरक परियोजना की आधारशिला रखेंगे। यह परियोजना न केवल असम बल्कि पूरे पूर्वोत्तर भारत के लिए औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में एक नई दिशा तय करेगी। शनिवार को गुवाहाटी के नेचर-थीम वाले एयरपोर्ट टर्मिनल के उद्घाटन के बाद, ऊपरी असम में प्रधानमंत्री की यह यात्रा औद्योगिक आत्मनिर्भरता की मजबूत पहल मानी जा रही है। उच्चस्तरीय मौजूदगी और भव्य आयोजन इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और…

Fertilizer project inauguration: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 दिसंबर को असम के औद्योगिक शहर नम्रूप का ऐतिहासिक दौरा करेंगे। इस दौरान वे 11,000 करोड़ रुपए की अमोनिया-यूरिया उर्वरक परियोजना की आधारशिला रखेंगे। यह परियोजना न केवल असम बल्कि पूरे पूर्वोत्तर भारत के लिए औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में एक नई दिशा तय करेगी। शनिवार को गुवाहाटी के नेचर-थीम वाले एयरपोर्ट टर्मिनल के उद्घाटन के बाद, ऊपरी असम में प्रधानमंत्री की यह यात्रा औद्योगिक आत्मनिर्भरता की मजबूत पहल मानी जा रही है।

उच्चस्तरीय मौजूदगी और भव्य आयोजन

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल भी प्रधानमंत्री के साथ मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। प्रधानमंत्री के आगमन के लिए एक नया अस्थायी हेलीपैड बनाया गया है, जिसका सफलतापूर्वक परीक्षण भी किया जा चुका है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इस अवसर पर आयोजित होने वाली जनसभा में 1.24 लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है।

Fertilizer project inauguration: असम वैली फर्टिलाइजर कॉर्पोरेशन की अहम भूमिका

यह महत्वाकांक्षी परियोजना असम वैली फर्टिलाइजर कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा विकसित की जा रही है। यह असम के औद्योगिक इतिहास के सबसे बड़े निवेशों में से एक मानी जा रही है। इस परियोजना में असम सरकार की 40 प्रतिशत की सबसे बड़ी इक्विटी हिस्सेदारी है, जो राज्य सरकार की मजबूत भागीदारी और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

प्रमुख सार्वजनिक उपक्रमों का सहयोग

इस उर्वरक परियोजना को सफल बनाने के लिए कई बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम एक साथ आए हैं। नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड, ऑयल इंडिया लिमिटेड और ब्रह्मपुत्र वैली फर्टिलाइजर कॉर्पोरेशन लिमिटेड जैसे प्रतिष्ठित संस्थान इस परियोजना में सहयोग कर रहे हैं। इन कंपनियों की तकनीकी और औद्योगिक विशेषज्ञता से परियोजना को नई मजबूती मिलेगी।

पूर्वोत्तर की उर्वरक जरूरतों को मिलेगी आत्मनिर्भरता

परियोजना के पूरा होने के बाद इस कॉम्प्लेक्स में सालाना 12.7 लाख मीट्रिक टन यूरिया उत्पादन की क्षमता होगी। यह उत्पादन विशेष रूप से पूर्वोत्तर राज्यों की पूरी उर्वरक आवश्यकता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इससे क्षेत्र की अन्य राज्यों पर निर्भरता खत्म होगी और किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हो सकेगा।

 रोजगार और आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा

Fertilizer project inauguration: कृषि क्षेत्र को लाभ पहुंचाने के साथ-साथ यह 11,000 करोड़ रुपए की परियोजना असम के लिए एक बड़े आर्थिक उत्प्रेरक के रूप में भी काम करेगी। इससे हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। साथ ही, यह परियोजना असम के औद्योगिक ढांचे को मजबूत कर राज्य के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Shera Rajput