पटना : बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रभारी अध्यक्ष कौकब कादरी ने मुख्यमंत्री के जापान यात्रा पर एक बयान जारी कर कहा कि आगामी 27 फरवरी को बिहार का बजट पेश होना है ऐसे वक्त में मुख्यमंत्री, प्रमुख मंत्री व प्रमुख अधिकारी जापान घूमने निकल गये जो बताता है कि राज्य की स्थिति अच्छी नहीं है और सरकार बिहार के भविष्य के प्रति गंभीर भी नहीं है।
ये समय बजट पर ध्यान लगाने का होता है और संबंधित विभागों के विकास कार्यक्रमों के विजन बनाने का समय होता है। जैसा कि सरकार के तरफ से दावा किया जा रहा है कि मुख्यमंत्री को जापान के पीएम ने विशेष निमंत्रण दिया है जो सरासर झूठ है, सच ये है कि किसी भी मुख्यमंत्री को भारत के विदेश मंत्रालय की तरफ से निवेदन किया जाता हैै।
उन्होंने कहा कि जहाँ तक जापान से निवेश लाने की बात है तो मैं कुछ बातें बताना चाहता हूँ कि वर्ष जनवरी 2013 में डा. मनमोहन सरकार के मंत्री सी. पी. जोशी जो वत्र्तमान में बिहार कांग्रेस के प्रभारी महासचिव भी हैं ने जापान इन्टरनेशनल कोओपरेशन एजेन्सी के मार्फत बिहार के सड़क निर्माण में निवेश के दो योजनाओं को सीसीईए की एक बैठक में स्वीकृति दिला दी थी जो जुलाई 2013 में योजना आयोग द्वारा स्वीकृत हो गया था।
उन्होंने कहा कि पहली योजना गया-बिहारशरीफ की 94 किलोमीटर सड़क का था जिसके लिए 1500 करोड़ रूपये स्वीकृत हुए। दूसरी योजना एनएच 83 में 127 किलोमीटर के लिए 2000 करोड़ की स्वीकृति हुई थी जिसको मोदी सरकार ने बिहार की महागठबन्धन सरकार को तंग करने के लिये 2016 में बीच में ही रोक दिया था जिससे जापान की एजेन्सी काफी नाराज हुयी थी और बिहार समेत भारत की भद्द ही पिटी थी।
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