Gujrat: गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल 12 नवंबर को गुजरात राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (जीएनएलयू) में आयोजित एक विशेष समारोह में नोटरी पोर्टल का शुभारंभ करेंगे और पूरे गुजरात में नोटरी के रूप में नियुक्त 1,500 से अधिक अधिवक्ताओं को प्रमाण पत्र वितरित करेंगे। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल इस अवसर पर नोटरी पोर्टल भी लॉन्च कर राज्य में ई-नोटरी सिस्टम के चरणबद्ध तरीके से विकास की शुरुआत करेंगे। गांधीनगर स्थित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के औरा सभागार में बुधवार सुबह 11 बजे आयोजित होने वाले इस प्रमाण पत्र वितरण समारोह में उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी और विधि राज्य मंत्री कौशिक वेकरिया एवं राज्य के महाधिवक्ता तथा आमंत्रित अतिथि एवं वकील सहभागी होंगे।

Gujrat: नए पोर्टल से काम होंगे आसान
नोटरी पोर्टल का शुभारंभ गुजरात में डिजिटल शासन और न्यायिक पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि यह राज्य की कानूनी प्रमाणन प्रक्रिया को आधुनिक और सुव्यवस्थित बनाता है। परंपरागत रूप से, दस्तावेज सत्यापन, शपथपत्र, समझौते और संपत्ति सत्यापन जैसी नोटरी सेवाओं के लिए व्यक्तिगत सत्यापन और मैन्युअल रिकॉर्ड-कीपिंग की आवश्यकता होती थी, जिसके कारण अक्सर देरी, त्रुटियां और पता लगाने की क्षमता का अभाव होता था। नया पोर्टल इन प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाता है, जिससे अधिवक्ताओं और नागरिकों को ऑनलाइन नोटरी सेवाओं तक पहुंचने, आवेदन की स्थिति पर नजर रखने और सत्यापित दस्तावेजों को सुरक्षित रूप से संग्रहित करने में मदद मिलती है।

सार्वजनिक सुविधा दुरुस्त होगी
ई-नोटरी प्रणाली शुरू करके, गुजरात का उद्देश्य धोखाधड़ी की प्रथाओं पर अंकुश लगाना, सार्वजनिक सुविधा में सुधार करना और तेज सेवा वितरण सुनिश्चित करना है। इसके अलावा, यह प्रणाली नोटरी संबंधी कार्यों का एक केंद्रीकृत डेटाबेस तैयार करेगी, जवाबदेही बढ़ाएगी और कानूनी दस्तावेजों को अधिक सुलभ, कुशल और छेड़छाड़-रहित बनाएगी, जो भारत के डिजिटल इंडिया और न्याय करने में आसानी के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप है।

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