अहमदाबाद, 20 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल ने रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की दिशा में एक अहम उपलब्धि हासिल करते हुए सामाख्याली-भचाऊ रेल खंड पर चौड़ीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया है।
करीब 17 किलोमीटर लंबे नव निर्मित रेल खंड का रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से निरीक्षण किया जा रहा है। इसी कड़ी में वेस्टर्न सर्कल के कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी की टीम की ओर से रेल खंड का बारीकी से निरीक्षण किया गया। जल्द ही सीआरएस अपनी रिपोर्ट रेलवे को सौंपेंगे और स्वीकृति के बाद इस रेल खंड पर पैसेंजर ट्रेनों और मालगाड़ियों का परिचालन शुरू किया जाएगा।
वेस्टर्न सर्कल के रेल संरक्षा आयुक्त ई श्रीनिवास ने बताया कि ट्रैक के उपकरण व ब्रिज, सिग्नल के उपकरण, एलसी गेट और आरओबी का निरीक्षण किया है। इसके बाद हमने देखा कि इलेक्ट्रिक पावर सप्लाई की बॉन्डिंग ठीक है या नहीं है।
रेलवे की ओर से इस महत्वपूर्ण रेल सेक्शन पर कुल 32.90 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन विकसित की गई है, जिसमें 16.398 किलोमीटर लंबी डाउन लाइन और 16.502 किलोमीटर लंबी अप लाइन शामिल है। पूरे 32.90 किलोमीटर में नया ट्रैक बिछाने और लिंकिंग का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है।
परियोजना के निर्माण के दौरान 6.25 लाख घन मीटर अर्थवर्क, 1.27 लाख घन मीटर ब्लैंकेटिंग और 0.96 लाख घन मीटर बैलास्ट बिछाने का कार्य किया गया है। इसके साथ ही भारी रेल यातायात को ध्यान में रखते हुए इस सेक्शन पर 4 बड़े पुल और 25 छोटे पुल निर्मित किए गए हैं। इसके अलावा, सामाख्याली, वोंध एवं भचाऊ स्टेशनों पर जरूरी रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार किया गया है।
सामाख्याली-भचाऊ रेल खंड कच्छ रीजन के औद्योगिक क्षेत्रों और गुजरात के कांडला व मुंद्रा बंदरगाहों को देश के प्रमुख रेल नेटवर्क से जोड़ने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है। इसी रेल खंड के माध्यम से भुज, गांधीधाम, वायोर के आलावा आसपास के क्षेत्रों का भी बड़े पैमाने पर माल परिवहन किया जाता है।
वेस्टर्न रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) प्रदीप गुप्ता ने बताया कि इस मास्टरप्लान के तहत हमें सामाख्याली से गांधीधाम तक का खंड पूरा करना है। इसका एक हिस्सा पूरा हो चुका है।
वहीं, डीआरएम वेद प्रकाश ने बताया कि कांडला पोर्ट, मुंद्रा पोर्ट और भुज क्षेत्र में जितनी भी इंडस्ट्री है, उसका माल पूरे देश में जाए, उसके लिए यह रेलवे खंड बहुत ही महत्वपूर्ण है।
जाहिर है कि रणनीतिक और आर्थिक लिहाज से बेहद अहम भारतीय रेल की इस परियोजना से न केवल कच्छ क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि रेलवे की माल परिवहन क्षमता और रेल परिचालन दक्षता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इस रेल खंड की शुरुआत से जहां कांडला और मुंद्रा बंदरगाहों से कंटेनर, पेट्रोलियम उत्पाद, उर्वरक, खाद्यान्न और नमक समेत कई अन्य वस्तुओं के परिवहन को नई गति मिलेगी, वहीं लॉजिस्टिक लागत में कमी आने से स्थानीय उद्योग, व्यापार एवं निर्यात क्षेत्र को सीधा लाभ होगा।
–आईएएनएस
डीसीएच/
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