Hemant Soren की रेगुलर बेल पिटीशन पर झारखंड हाईकोर्ट में 28 को सुनवाई

Summary :

Hemant Soren: जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में जेल में बंद झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन के रेगुलर बेल पिटीशन पर झारखंड हाईकोर्ट 28 मई को सुनवाई करेगा। सोरेन के अधिवक्ता ने सोमवार को पिटीशन फाइल करते हुए जल्द सुनवाई के लिए अदालत को मेंशन किया था। इस आग्रह को स्वीकार कर लिया गया है। Highlights Hemant Soren की रेगुलर बेल पर पिटीशन हाईकोर्ट में 28 को को सुनवाई जमीन पर अवैध कब्जे और मनी लॉन्ड्रिंग से मामले में हेमंत सोरेन की गिरफ्तार झारखंड की CNT के तहत भुईंहरी नेचर की जमीन है Hemant Soren: कोर्ट ने…

Hemant Soren

Hemant Soren: जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में जेल में बंद झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन के रेगुलर बेल पिटीशन पर झारखंड हाईकोर्ट 28 मई को सुनवाई करेगा। सोरेन के अधिवक्ता ने सोमवार को पिटीशन फाइल करते हुए जल्द सुनवाई के लिए अदालत को मेंशन किया था। इस आग्रह को स्वीकार कर लिया गया है।

Highlights

  • Hemant Soren की रेगुलर बेल पर पिटीशन हाईकोर्ट में 28 को को सुनवाई
  • जमीन पर अवैध कब्जे और मनी लॉन्ड्रिंग से मामले में हेमंत सोरेन की गिरफ्तार
  • झारखंड की CNT के तहत भुईंहरी नेचर की जमीन है

Hemant Soren: कोर्ट ने 13 मई को जमानत याचिका की थी खारिज

याचिका जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय की बेंच में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हुई है। इस मामले में रांची की स्पेशल PMLA कोर्ट ने 13 मई को Hemant Soren की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हेमंत सोरेन की ओर से अब हाईकोर्ट में दाखिल जमानत याचिका में कहा गया है कि उनके खिलाफ जिस 8.86 एकड़ जमीन पर कब्जे का आरोप लगाते हुए ईडी ने कार्रवाई की है, उससे संबंधित एक भी दस्तावेज ईडी के पास नहीं हैं। यह झारखंड की CNT के तहत भुईंहरी नेचर की जमीन है, जो किसी भी हाल में किसी व्यक्ति के नाम पर ट्रांसफर नहीं किया जा सकता।

Hemant Soren ने सुप्रीम कोर्ट में की याचिका दायर

याचिका में यह भी कहा गया है कि जमीन पर अवैध कब्जे में PMLA के तहत शेड्यूल ऑफेंस का केस नहीं बनता। इस मामले में सोरेन ने ईडी की कार्रवाई और गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। 21-22 मई को सुप्रीम कोर्ट की वेकेशन बेंच ने इस याचिका पर सुनवाई की थी।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस बात पर नाराजगी जताई थी कि सोरेन की ओर से फाइल की गई पिटीशन में इस फैक्ट को छिपाया गया है, कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी की स्पेशल कोर्ट संज्ञान ले चुकी है। इसके बाद सोरेन की ओर से अदालत में उपस्थित वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने याचिका वापस लेने की इजाजत मांगी थी।

Hemant Soren को गिरफ़्तारी का कारण

बता दें कि बड़गाईं अंचल में 8.66 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जे और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में ईडी ने 31 जनवरी को हेमंत सोरेन को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। ईडी ने मामले में 30 मार्च को अदालत में हेमंत सोरेन के अलावा जमीन के मूल रैयत राजकुमार पाहन, हेमंत सोरेन के करीबी विनोद कुमार, राजस्व उपनिरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद और हिलेरियस कच्छप के खिलाफ चार्जशीट भी फाइल की है। इसमें बताया गया है कि हेमंत सोरेन ने न सिर्फ गैरकानूनी तरीके से जमीन हासिल की, बल्कि जांच शुरू होने पर साक्ष्यों को नष्ट करने की कोशिश की।

(शीर्षक को छोड़कर, यह कहानी पंजाब केसरी स्टाफ द्वारा संपादित नहीं की गई है और एक सिंडिकेटेड फ़ीड से प्रकाशित हुई है )

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Pannelal Gupta