Supreme Court : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई है। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता पक्ष को चुनाव आयोग द्वारा पेश किए गए जवाबी हलफनामे का अध्ययन करने और अपना रिजॉइंडर यानी जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए 10 दिनों की मोहलत दी है।
मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर 2026 को होने की संभावना जताई गई है। शीर्ष अदालत में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के अन्य प्रमुख नेताओं द्वारा दायर संयुक्त याचिकाओं पर विचार किया जा रहा है, जिनमें SIR प्रक्रिया में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है।
पिछली रात ही मिला ECI का हलफनामा
अदालत की कार्यवाही के दौरान याचिकाकर्ता राकेश सिंह की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने पीठ को बताया कि चुनाव आयोग का जवाब उन्हें सोमवार रात ही प्राप्त हुआ है। ऐसे में आयोग की दलीलों का विश्लेषण करने और अपना आधिकारिक पक्ष रखने के लिए समय की आवश्यकता है।
CJI सूर्यकांत की पीठ ने स्वीकार करते हुए सुनवाई को आगे के लिए स्थगित कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले के मेरिट्स पर विचार अब याचिकाकर्ताओं का रिजॉइंडर आने के बाद अगली तारीख पर ही किया जाएगा। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को सभी संबंधित याचिकाओं पर फिर से नोटिस भी जारी किया है।
सुनवाई के दौरान ऑडियो-वीडियो हुआ बंद
सुनवाई की कार्यवाही के एक बड़े हिस्से के दौरान कोर्ट रूम की ऑडियो-वीडियो स्ट्रीमिंग बंद रखी गई थी। मामले के अंतिम क्षणों में जब लाइव स्ट्रीमिंग फिर से शुरू हुई, तब सीनियर एडवोकेट डॉ. ए.एम. सिंघवी और डॉ. मेनका गुरुस्वामी अदालत में उपस्थित थे।
वहीं, सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी ने सांसद डोला सेन का पक्ष रखते हुए आरोप लगाया कि ECI ने एक प्रेस नोट जारी कर दावा किया था कि कोर्ट ने ऑनलाइन ‘फॉर्म 6’ की प्रक्रिया में बदलाव को अधिकृत किया है। याचिकाकर्ताओं ने चुनाव आयोग के फाइल नोटिंग्स और अन्य आंतरिक प्रशासनिक रिकॉर्ड्स को सुरक्षित रखने की मांग कोर्ट के सामने रखी है।
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