श्रीनगर-जम्मू हाईवे पर बड़ा हादसा, स्लीपर बस पलटने से 33 यात्री घायल

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जम्मू, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में नेशनल हाईवे पर श्रीनगर से जम्मू जा रही एक स्लीपर बस के पलट जाने से कम से कम 33 यात्री घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को पश्चिम बंगाल में रजिस्टर्ड एक स्लीपर बस जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (एनएच-44) पर मारूग के पास एक टनल के अंदर पलट गई। घायल यात्रियों को पुलिस, स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स, सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ), सेना के जवानों और सिविल क्विक रिस्पॉन्स टीम के वॉलंटियर्स की मदद से रामबन के डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल ले जाया गया। घायलों में से नौ लोगों को आगे के…

जम्मू, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में नेशनल हाईवे पर श्रीनगर से जम्मू जा रही एक स्लीपर बस के पलट जाने से कम से कम 33 यात्री घायल हो गए।

अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को पश्चिम बंगाल में रजिस्टर्ड एक स्लीपर बस जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (एनएच-44) पर मारूग के पास एक टनल के अंदर पलट गई।

घायल यात्रियों को पुलिस, स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स, सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ), सेना के जवानों और सिविल क्विक रिस्पॉन्स टीम के वॉलंटियर्स की मदद से रामबन के डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल ले जाया गया। घायलों में से नौ लोगों को आगे के इलाज के लिए जम्मू शहर के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) हॉस्पिटल भेजा गया।

ट्रैफिक अधिकारियों ने बताया कि हादसे के समय बस में 55 यात्री सवार थे। हादसे के बाद ट्रैफिक की आवाजाही के लिए प्रभावित टनल में एक लेन खोल दी गई है।

श्रीनगर-जम्मू नेशनल हाईवे पर होने वाले हादसों की मुख्य वजहें मुश्किल भौगोलिक स्थिति, इंफ्रास्ट्रक्चर में चल रहे बदलाव और मानवीय गलतियां हैं। पहाड़ों से गुजरने वाला यह हाईवे कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली एक अहम लाइफलाइन है, लेकिन इसकी कुछ खास कमजोरियों की वजह से यहां अक्सर जानलेवा हादसे होते रहते हैं।

जम्मू-कश्मीर ट्रैफिक पुलिस डिपार्टमेंट और ट्रैफिक एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हाईवे पर हादसों की मुख्य वजहों में मुश्किल रास्ते और प्राकृतिक खतरे शामिल हैं।

हाईवे का एक बड़ा हिस्सा पहाड़ों से होकर गुजरता है। रामबन से बनिहाल तक का हिस्सा खास तौर पर खतरनाक है। बार-बार होने वाले लैंडस्लाइड, ऊपर से गिरते पत्थर और सड़क धंसने की वजह से यह रास्ता बहुत खतरनाक और अनिश्चित हो जाता है।

भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ की वजह से मिट्टी खिसकने और पानी जमा होने से सड़क चिकनी और खतरनाक हो जाती है।

ट्रैफिक एक्सपर्ट्स अक्सर खतरनाक मोड़ और ढलान वाली जगहों पर सड़क के खराब डिजाइन और इंजीनियरिंग की कमियों की ओर इशारा करते हैं। सड़क चौड़ी करने के प्रोजेक्ट्स के तहत जानबूझकर ढलानों को काटा गया है, जिससे पहाड़ के कुछ हिस्से अस्थिर हो गए हैं और ब्लाइंड स्पॉट, घूमकर जाने वाले रास्ते और अचानक संकरे होने वाले हिस्से बन गए हैं।

–आईएएनएस

डीके/वीसी

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IANS Agency

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