अदाणी पावर ने न्यूक्लियर एनर्जी क्षेत्र में बनाई नई सहायक इकाई

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अहमदाबाद, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। अदाणी पावर लिमिटेड ने मंगलवार को पूर्ण स्वामित्व वाली एक नई स्टेप-डाउन इकाई बनाने का ऐलान किया है। यह इकाई न्यूक्लियर एनर्जी क्षेत्र में कंपनी की पहुंच का विस्तार करेगी। रेगुलेटरी फाइलिंग में कंपनी ने बताया कि उसके पूर्व स्वामित्व वाली कंपनी अदाणी एटॉमिक एनर्जी लिमिटेड (एएईएल) ने नई इकाई रावतभाटा-राज एटॉमिक एनर्जी लिमिटेड (आरआरएईएल) का गठन किया है। अदानी पावर ने कहा,“हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी अदाणी एटॉमिक एनर्जी लिमिटेड (एएईएल) ने 20 अप्रैल को रावतभाटा-राज एटॉमिक एनर्जी लिमिटेड (आरआरएईएल) नामक एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक…

अहमदाबाद, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। अदाणी पावर लिमिटेड ने मंगलवार को पूर्ण स्वामित्व वाली एक नई स्टेप-डाउन इकाई बनाने का ऐलान किया है। यह इकाई न्यूक्लियर एनर्जी क्षेत्र में कंपनी की पहुंच का विस्तार करेगी।

रेगुलेटरी फाइलिंग में कंपनी ने बताया कि उसके पूर्व स्वामित्व वाली कंपनी अदाणी एटॉमिक एनर्जी लिमिटेड (एएईएल) ने नई इकाई रावतभाटा-राज एटॉमिक एनर्जी लिमिटेड (आरआरएईएल) का गठन किया है।

अदानी पावर ने कहा,“हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी अदाणी एटॉमिक एनर्जी लिमिटेड (एएईएल) ने 20 अप्रैल को रावतभाटा-राज एटॉमिक एनर्जी लिमिटेड (आरआरएईएल) नामक एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी का गठन किया है।”

इस इकाई का गठन 20 अप्रैल, 2026 को भारत में 5 लाख रुपए की अधिकृत पूंजी के साथ किया गया, जो 10 रुपए प्रति शेयर के 50,000 इक्विटी शेयरों में विभाजित है।

कंपनी ने आगे कहा,“आरआरएईएल का गठन 5,00,000 रुपए की अधिकृत पूंजी के साथ किया गया है, जो 10 रुपए प्रति शेयर के 50,000 इक्विटी शेयरों में विभाजित है।”

कंपनी ने स्पष्ट किया कि आरआरएईएल, एएईएल की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, जो अदाणी पावर के पूर्ण स्वामित्व में है। इस प्रकार, यह समूह की संरचना में एक स्टेप डाउन सहायक कंपनी है।

कंपनी ने बताया, “आरआरएईएल की 100 प्रतिशत शेयरधारिता एएईएल के पास है। एएईएल की 100 प्रतिशत शेयरधारिता अदाणी पावर लिमिटेड के पास है।”

इसी दिन, समूह की एक अन्य इकाई, अदाणी एनर्जी ने कोस्टल-महा एटॉमिक एनर्जी लिमिटेड नामक एक स्टेप डाउन पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी का गठन किया।

यह इकाई न्यूक्लियर एनर्जी क्षेत्र में काम करेगी और न्यूक्लियर एनर्जी से प्राप्त बिजली के उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण में शामिल होगी।

इन घटनाक्रमों से न्यूक्लियर एनर्जी क्षेत्र में अदाणी समूह की बढ़ती रुचि का संकेत मिलता है, जो भारत के दीर्घकालिक ऊर्जा परिवर्तन लक्ष्यों के अनुरूप है।

वर्तमान में, भारत की स्थापित न्यूक्लियर एनर्जी क्षमता 8.7 गीगावाट है। देश ने अपने व्यापक स्वच्छ ऊर्जा रोडमैप के तहत 2047 तक इस क्षमता को 100 गीगावाट तक बढ़ाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।

–आईएएनएस

एबीएस/

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