गुवाहाटी, 12 जून (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने ‘विश्व बाल श्रम निषेध दिवस’ पर बाल श्रम को समाप्त करने और प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा व विकास के अवसर सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया है।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “हमारे समाज का भविष्य हमारे बच्चों के हाथों में है। ‘विश्व बाल श्रम निषेध दिवस’ पर, आइए हम सब मिलकर यह सुनिश्चित करें कि उन हाथों में किताबें हों, बोझ नहीं और हर बच्चे को सीखने व आगे बढ़ने का अवसर मिले।”
विश्व बाल श्रम निषेध दिवस हर साल 12 जून को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य बाल श्रम में लगे लाखों बच्चों की स्थिति के प्रति जागरूकता बढ़ाना और दुनिया भर में बच्चों के शोषण को समाप्त करने के प्रयासों को प्रोत्साहित करना है।
बाल अधिकार कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों का लंबे समय से यह मानना रहा है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा के उपाय और श्रम कानूनों का सख्ती से पालन बाल श्रम से निपटने के लिए महत्वपूर्ण हैं। राष्ट्रीय और राज्य दोनों स्तरों पर विभिन्न सरकारी पहलों में स्कूल में दाखिले को बेहतर बनाने, स्कूल छोड़ने वालों की दर को कम करने और कमजोर परिवारों की मदद करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
असम ने भी शिक्षा तक पहुंच और बच्चों के कल्याण को बढ़ाने के उद्देश्य से कई कार्यक्रम शुरू किए हैं, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए।
मुख्यमंत्री का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब बाल कल्याण से जुड़े समूह बाल श्रम को रोकने और बच्चों को उनके मौलिक अधिकार दिलाने के लिए अधिक जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी की मांग कर रहे हैं।
शुक्रवार को असम भर में विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें शैक्षणिक संस्थानों, नागरिक समाज संगठनों और सरकारी एजेंसियों ने बच्चों के लिए अधिक सुरक्षित और समावेशी वातावरण बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
–आईएएनएस
डीसीएच/
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