जबलपुर, 1 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में बरगी डैम जलाशय हादसे में क्रूज पर सवार लोगों की सही संख्या को लेकर अब भी भ्रम बना हुआ है। इस हादसे ने जहां कई परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है, वहीं प्रशासन के सामने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को बताया कि अब तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं और 29 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
वहीं, राज्य के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने आशंका जताई है कि राहत और बचाव अभियान जारी रहने के बीच मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
राज्य सरकार ने इस हादसे के बाद औपचारिक जांच के आदेश दे दिए हैं और मध्य प्रदेश में इस तरह की सभी जल पर्यटन गतिविधियों पर तत्काल रोक लगा दी है। यह क्रूज गुरुवार शाम जबलपुर के पास नर्मदा नदी पर स्थित बरगी जलाशय में खराब मौसम के कारण पलट गई थी।
सबसे बड़ा सवाल अब भी यही है कि हादसे के समय क्रूज में कुल कितने लोग सवार थे।
राज्य पर्यटन विभाग और पर्यटन निगम की ओर से अभी तक आधिकारिक आंकड़े सामने नहीं आए हैं, लेकिन सीसीटीवी फुटेज ने इस मामले को और उलझा दिया है।
निगरानी कैमरों में करीब 43 लोग आसपास दिखाई दिए, जबकि आगे की जांच में यह संकेत मिले हैं कि क्रूज चलाने वालों को छोड़कर 36 से 37 लोग सवार हो सकते थे।
कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि कुछ यात्रियों को मुफ्त में सवारी कराई गई थी, जिससे क्रूज में सवार लोगों की सही सूची तैयार करना और मुश्किल हो गया है।
इस हादसे के बाद अधिकार क्षेत्र और सुरक्षा नियमों को लेकर भी बहस तेज हो गई है।
27,000 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन डूब क्षेत्र में आने और हजारों परिवारों के प्रभावित होने के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि इस जलाशय का असली मालिक कौन सा विभाग है और खेती, बिजली और पेयजल के लिए बने इस क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों की अनुमति किसने दी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह भी कहा कि क्रूज हादसे के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों को बचाने वाले स्थानीय लोगों को स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित किया जाएगा।
पर्यटन मंत्री लोधी ने कहा कि यह घटना किसी भी हालत में माफ करने योग्य नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगर जांच में क्रूज संचालकों या अधिकारियों की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
–आईएएनएस
एएमटी/एबीएम
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