कोलकाता, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल को मतदान होना है। चुनाव आयोग ने महत्वपूर्ण या अति-संवेदनशील मतदान केंद्रों तक जाने वाली सड़कों को सीसीटीवी कवरेज के दायरे में लाकर अपनी निगरानी व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने का निर्णय लिया है।
मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय के एक सूत्र ने बताया कि चुनाव के पहले चरण में पोलिंग स्टेशन के परिसर के अंदर दो सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। एक पोलिंग रूम के अंदर और दूसरा ठीक उसके बाहर, ताकि पोलिंग स्टेशन परिसर के भीतर चुनावी गड़बड़ियों को रोका जा सके।
पहले चरण में पोलिंग स्टेशनों के बाहर मतदाताओं को डराने-धमकाने की कुछ रिपोर्ट मिली थीं। इसलिए, इस बार चुनाव आयोग ने पोलिंग स्टेशनों के बाहर भी सीसीटीवी कैमरे लगाने का फैसला किया है, ताकि पोलिंग स्टेशनों तक जाने वाली अलग-अलग सड़कों पर कड़ी निगरानी रखी जा सके।
उन्होंने कहा कि पोलिंग स्टेशनों तक जाने वाली सड़कों पर होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कितने सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, यह संबंधित पोलिंग स्टेशनों की संवेदनशीलता पर निर्भर करेगा।
पोलिंग स्टेशनों के 100 मीटर के दायरे में गैर-मतदाताओं या उन मतदाताओं के प्रवेश पर रोक रहेगी, जिन्होंने पहले ही अपना वोट डाल दिया है। यहां तक कि जो लोग पोलिंग बूथों पर तैनात चुनाव अधिकारियों के लिए खाना या पानी लेकर जाएंगे, उन्हें भी उन चीजों के साथ पोलिंग बूथ में प्रवेश करने के लिए संबंधित जिला चुनाव अधिकारी (डीईओ) से विशेष अनुमति लेनी होगी। ऐसी चीजें ले जाने वाले लोगों और वे जो चीजें ले जा रहे हैं, दोनों की अच्छी तरह से तलाशी ली जाएगी।
इस बीच, पश्चिम बंगाल के सीईओ ने 29 अप्रैल को होने वाले चुनावों के दूसरे चरण के लिए मतदाताओं से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में पोलिंग बूथों पर आकर अपना वोट डालें।
सीईओ ने कहा कि मैं आपको आपकी सुरक्षा का भरोसा दिलाता हूं। इसलिए, बड़ी संख्या में आकर अपना वोट डालें। यह सुनिश्चित करें कि मतदान की दर 90 प्रतिशत से ज्यादा हो, जैसा कि पहले चरण में थी। यह आपका संवैधानिक अधिकार है। अगर कोई मतदान में बाधा डालता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी राजनीतिक दलों को इस बारे में सूचित कर दिया गया है।
इससे पहले रविवार को चुनाव आयोग ने 29 अप्रैल को होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दूसरे चरण के लिए तैनात केंद्रीय बलों को निर्देश दिया था कि वे मतदान से पहले पूरे राज्य में देसी बम बनाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाएं।
आयोग ने जवानों को निर्देश दिया कि वे बमों को निष्क्रिय करने की अपनी गतिविधियों को तुरंत तेज करें और यह सुनिश्चित करें कि मतदान के दिन कोई भी बम न फटे। इस मामले में केंद्रीय बलों को चुनाव आयोग का यह निर्देश उसी दिन आया, जिस दिन राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दक्षिण 24 परगना जिले के बिजोयगंज बाजार इलाके में हुए एक धमाके के सिलसिले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया।
–आईएएनएस
एसडी/वीसी
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