ब्रह्मपुत्र पूर्वोत्तर के लिए एक आर्थिक जीवन रेखा के रूप में उभर रही है: सर्बानंद सोनोवाल

Summary :

गुवाहाटी, 19 मई (आईएएनएस)। केंद्र सरकार पूर्वोत्तर के लिए ब्रह्मपुत्र को एक प्रमुख आर्थिक और संपर्क गलियारे में बदलने के प्रयासों को तेज कर रही है। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मंगलवार को परिवहन, व्यापार, पर्यटन और वैज्ञानिक नदी बेसिन प्रबंधन को शामिल करते हुए एक एकीकृत नदी विकास रणनीति की रूपरेखा प्रस्तुत की। गुवाहाटी में आयोजित ब्रह्मपुत्र बोर्ड की उच्च स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक में मंत्रियों, तकनीकी विशेषज्ञों और पूर्वोत्तर राज्यों के प्रतिनिधियों ने क्षेत्र में बाढ़ नियंत्रण, कटाव प्रबंधन और जल संसाधनों के सतत उपयोग को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया। बैठक को संबोधित करते हुए सोनोवाल…

गुवाहाटी, 19 मई (आईएएनएस)। केंद्र सरकार पूर्वोत्तर के लिए ब्रह्मपुत्र को एक प्रमुख आर्थिक और संपर्क गलियारे में बदलने के प्रयासों को तेज कर रही है। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मंगलवार को परिवहन, व्यापार, पर्यटन और वैज्ञानिक नदी बेसिन प्रबंधन को शामिल करते हुए एक एकीकृत नदी विकास रणनीति की रूपरेखा प्रस्तुत की।

गुवाहाटी में आयोजित ब्रह्मपुत्र बोर्ड की उच्च स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक में मंत्रियों, तकनीकी विशेषज्ञों और पूर्वोत्तर राज्यों के प्रतिनिधियों ने क्षेत्र में बाढ़ नियंत्रण, कटाव प्रबंधन और जल संसाधनों के सतत उपयोग को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया।

बैठक को संबोधित करते हुए सोनोवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ब्रह्मपुत्र को केवल एक नदी नहीं, बल्कि एक ‘महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संपदा’ के रूप में देखती है, जो पूर्वोत्तर में आर्थिक विकास और क्षेत्रीय संपर्क को गति देने में सक्षम है।

उन्होंने कहा कि ब्रह्मपुत्र पूर्वोत्तर के लिए एक आर्थिक जीवन रेखा के रूप में उभर रही है। अंतर्देशीय जलमार्ग परिवहन का एक पर्यावरण के अनुकूल, कुशल और किफायती साधन प्रदान करते हैं जो क्षेत्र में संपर्क और वाणिज्य को बदल सकते हैं।

मंत्री ने कहा कि भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईएनएल वाटरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया) राष्ट्रीय जलमार्ग-2 घोषित ब्रह्मपुत्र नदी के विकास में सक्रिय रूप से लगी हुई है, ताकि पूर्वोत्तर को कोलकाता और हल्दिया बंदरगाहों से जोड़ने वाले भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल मार्ग के माध्यम से माल ढुलाई और यात्री संपर्क में सुधार किया जा सके।

अधिकारियों के अनुसार, असम में लगभग 751 करोड़ रुपए की परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जिनमें पांडू, धुबरी और जोगीघोपा में टर्मिनल, साथ ही फ्लोटिंग जेट्टी और उन्नत तटीय अवसंरचना शामिल हैं।

वर्तमान में 1,100 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाएं चल रही हैं, जिनमें ब्रह्मपुत्र पर जलमार्ग विकास, जहाज मरम्मत सुविधाएं, पर्यटक जेट्टी, और डिब्रूगढ़ में एक क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र शामिल हैं।

सोनोवाल ने यह भी घोषणा की कि सरकार अगले पांच वर्षों में पूर्वोत्तर में अंतर्देशीय जलमार्ग अवसंरचना में लगभग 4,800 करोड़ रुपए का निवेश करने की योजना बना रही है।

प्रस्तावित परियोजनाओं में नदी क्षेत्रों में अंतिम-मील कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार के लिए सामुदायिक घाट, क्रूज टर्मिनल, ड्रेजर, मालवाहक पोत और शहरी जल परिवहन प्रणालियों का निर्माण शामिल है।

–आईएएनएस

एमएस/

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.