केंद्र सरकार ने 30 प्रतिशत तक इथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल को एक्साइज ड्यूटी से छूट देने की घोषणा की

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नई दिल्ली, 11 जून (आईएएनएस)। भारत सरकार ने एथेनॉल मिश्रित ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने 22 प्रतिशत, 25 प्रतिशत, 27 प्रतिशत और 30 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल (ई22, ई25, ई27 और ई30) को केंद्रीय उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) से छूट देने की घोषणा की है। वित्त मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी एक अधिसूचना के अनुसार, ई22, ई25, ई27 और ई30 ईंधन पर शून्य एक्साइज ड्यूटी लागू होगी, बशर्ते ये ईंधन भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) विनिर्देश आईएस 19850 के अनुरूप हों। इसमें कहा गया है कि केंद्रीय उत्पाद शुल्क…

नई दिल्ली, 11 जून (आईएएनएस)। भारत सरकार ने एथेनॉल मिश्रित ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने 22 प्रतिशत, 25 प्रतिशत, 27 प्रतिशत और 30 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल (ई22, ई25, ई27 और ई30) को केंद्रीय उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) से छूट देने की घोषणा की है।

वित्त मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी एक अधिसूचना के अनुसार, ई22, ई25, ई27 और ई30 ईंधन पर शून्य एक्साइज ड्यूटी लागू होगी, बशर्ते ये ईंधन भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) विनिर्देश आईएस 19850 के अनुरूप हों।

इसमें कहा गया है कि केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम, 1944 की धारा 5ए के तहत छूट प्रदान की गई है।

नई व्यवस्था के तहत ई22 ईंधन में 78 प्रतिशत पेट्रोल और 22 प्रतिशत एथेनॉल होगा। इसी तरह ई25 में 25 प्रतिशत, ई27 में 27 प्रतिशत और ई30 में 30 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित रहेगा। यह छूट तभी मिलेगी जब पेट्रोल पर आवश्यक कर का भुगतान किया गया हो और मिश्रण में इस्तेमाल किए गए एथेनॉल पर लागू जीएसटी जमा किया गया हो।

सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब हाल ही में ई30 तक के एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के लिए मानकों को मंजूरी दी गई है। इससे भविष्य में अधिक एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधनों के व्यावसायिक उपयोग का रास्ता साफ हो गया है।

यह कदम देश में ई20 कार्यक्रम से आगे बढ़कर अधिक एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन को अपनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

भारत पहले ही पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण (ई20) का लक्ष्य तय समय से पहले हासिल कर चुका है। अब सरकार एथेनॉल मिश्रण का स्तर और बढ़ाने की संभावनाओं पर काम कर रही है, जिसका उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, कार्बन उत्सर्जन घटाना और घरेलू जैव-ईंधन उद्योग को बढ़ावा देना है।

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य में पैदा हुई अनिश्चितताओं के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में एथेनॉल मिश्रण बढ़ाना भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण विकल्प माना जा रहा है।

हाल के वर्षों में तेल विपणन कंपनियों द्वारा एथेनॉल की खरीद में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार लंबे समय से संकेत देती रही है कि ई20 के बाद एथेनॉल मिश्रण का स्तर और बढ़ाया जाएगा। हालांकि ई25 या ई30 के लिए अभी तक कोई औपचारिक रोडमैप घोषित नहीं किया गया है, लेकिन नए मानकों और टैक्स छूट के जरिए सरकार ने साफ कर दिया है कि वह देश को उच्च एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधनों की ओर ले जाने के लिए गंभीर है।

–आईएएनएस

डीबीपी

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