अमरावती, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को आश्वासन दिया कि चक्रवात अर्नब से फसलों को नुकसान पहुंचने पर किसानों को सरकार हरसंभव सहायता प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री ने पश्चिम गोदावरी जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया, जलमग्न खेतों का निरीक्षण किया और प्रभावित किसानों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने किसानों से फसल बीमा की स्थिति की भी जानकारी ली।
नायडू ने कहा कि राज्य सरकार ने ई-क्रॉप प्रणाली के माध्यम से हर एकड़ भूमि को फसल बीमा के दायरे में लाने के लिए कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से दी जाने वाली इनपुट सब्सिडी किसानों को हुए नुकसान की भरपाई में मदद करेगी।
उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कठिन परिस्थितियों में भी किसानों को नुकसान न उठाना पड़े। मुख्यमंत्री ने किसानों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने युद्धस्तर पर चल रहे बिजली बहाली कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल करने में जुटे कर्मचारियों और बिजली विभाग के अधिकारियों की सराहना की। साथ ही नरसापुरम से मातरेवु के रास्ते में क्षतिग्रस्त नारियल बागानों का भी जायजा लिया।
इसके बाद नायडू ने चक्रवात से सबसे अधिक प्रभावित मातरेवु गांव का दौरा किया। वहां उन्होंने राहत केंद्र में रह रहे लोगों से मुलाकात की। महिलाओं ने मुख्यमंत्री को चक्रवात के दौरान झेली गई परेशानियों और भय के बारे में बताया।
वशिष्ठा गोदावरी क्षेत्र के मछुआरों ने जब अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं, तो उन्होंने उनकी शिकायतों के समाधान का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समुद्र तट के निकट नहर की सफाई और गाद हटाने का निर्देश दिया, ताकि मछुआरे सुचारु रूप से मछली पकड़ने का काम कर सकें।
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने जन-धन की हानि रोकने के लिए व्यापक कदम उठाए थे, लेकिन दुर्भाग्य से सात लोगों की मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में 15,000 से अधिक बिजली के खंभे गिर गए हैं। सरकार का लक्ष्य शनिवार शाम तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल करना है। पहले घरों और उसके बाद कृषि क्षेत्रों में बिजली बहाल की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संचार सेवाओं को भी जल्द से जल्द बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। अकेले पश्चिम गोदावरी जिले में 12,500 पेड़ उखड़ गए हैं, जिनका मलबा शीघ्र हटाया जाएगा। चक्रवात से नारियल के बागानों और धान की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
नायडू ने बताया कि राज्य सरकार ने चक्रवात से हुए नुकसान का प्रारंभिक आकलन केंद्र सरकार को भेज दिया है, जिसमें 4,600 करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। उन्होंने घोषणा की कि चक्रवात में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को 5 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत और पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू कर दिया गया है। प्रभावित परिवारों को चावल सहित आवश्यक राशन सामग्री वितरित की जा रही है।
उन्होंने कहा कि चक्रवात से हुए नुकसान का विस्तृत सर्वेक्षण जल्द पूरा कर केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजी जाएगी। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि चक्रवात से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति को न्याय और सहायता मिल सके।
–आईएएनएस
एएसएच/वीसी
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