कोलकाता, 6 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार को पूरे कोलकाता में 27 इमारतों में अनियमितताएं पाए जाने के बाद अवैध निर्माण में शामिल प्रमोटरों और अधिकारियों से ‘लाइव’ पूछताछ की चेतावनी दी।
कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के बाद, नगर मामलों और शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि ऑडिट के बाद रुके हुए 193 निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी गई है। फिर भी 27 इमारतों में बड़ी गड़बड़ियां पाई गईं।
उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण में शामिल प्रमोटरों को सजा दी जाएगी।
पॉल ने कहा कि बैठक में मौजूद अधिकारी ने चेतावनी दी कि जिम्मेदार प्रमोटरों और अधिकारियों को मीडिया के सामने लाया जाएगा और उनसे सबके सामने पूछताछ की जाएगी।
उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है कि एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा और मीडिया को भी बुलाया जाएगा। अवैध निर्माण के आरोपी लोगों को वहां पेश किया जाएगा। उन्हें सबके सामने जवाबदेह ठहराया जाएगा। न केवल प्रमोटरों को, बल्कि नियमों की अनदेखी करके मंजूरी देने वाले सभी सरकारी अधिकारियों को भी सबके सामने जवाब देना होगा।”
पॉल ने कहा कि सरकार रियल एस्टेट बिल्डरों का नुकसान नहीं चाहती, लेकिन अवैध निर्माण के कारण तारातला जैसी दुर्घटनाएं नहीं होने देगी।
उन्होंने कहा कि कोलकाता और बरानगर सहित कई इलाकों में चार मंजिला इमारतों की मंजूरी मिलने के बाद सात मंजिल तक का निर्माण किया गया है। ऐसे 27 ऑपरेटरों को पहले ही नोटिस भेजे जा चुके हैं।
रुके हुए प्रोजेक्ट्स में से 193 इमारतों में काम फिर से शुरू करने की मंजूरी दे दी गई है। अब से, निर्माण के लिए अनिवार्य मिट्टी परीक्षण, स्ट्रक्चरल ऑडिट और योजना सत्यापन की आवश्यकता होगी।
इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक विशेष टास्क फोर्स और पीडब्ल्यूडी सचिव अंतरा आचार्य की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय जांच समिति पहले ही गठित की जा चुकी है।
–आईएएनएस
एएसएच/डीकेपी
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