केरल सरकार ने महिला सुरक्षा योजना की समीक्षा के दिए संकेत, पूर्व सरकार पर साधा निशाना

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तिरुवनंतपुरम, 29 जून (आईएएनएस)। केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने सोमवार को पिछली एलडीएफ सरकार की प्रमुख महिला सुरक्षा योजना की समीक्षा के संकेत दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह योजना विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जल्दबाजी में शुरू की गई थी, ताकि महिला मतदाताओं को प्रभावित किया जा सके, न कि यह एक कल्याणकारी योजना थी। विधानसभा में सीएम सतीशन ने कहा कि उनकी सरकार ने अभी इस योजना को बंद करने का निर्णय नहीं लिया है, लेकिन पहले इसके लाभार्थियों के चयन और लागू करने के तरीके से जुड़ी गंभीर शिकायतों की जांच की जाएगी, उसके बाद ही…

तिरुवनंतपुरम, 29 जून (आईएएनएस)। केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने सोमवार को पिछली एलडीएफ सरकार की प्रमुख महिला सुरक्षा योजना की समीक्षा के संकेत दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह योजना विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जल्दबाजी में शुरू की गई थी, ताकि महिला मतदाताओं को प्रभावित किया जा सके, न कि यह एक कल्याणकारी योजना थी।

विधानसभा में सीएम सतीशन ने कहा कि उनकी सरकार ने अभी इस योजना को बंद करने का निर्णय नहीं लिया है, लेकिन पहले इसके लाभार्थियों के चयन और लागू करने के तरीके से जुड़ी गंभीर शिकायतों की जांच की जाएगी, उसके बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, ”यह योजना बिना जांच के जारी नहीं रहेगी। हमें शिकायतें मिली हैं कि इसमें जमीनी स्तर पर सत्यापन नहीं किया गया और लाभार्थियों का चयन तय प्रक्रियाओं के खिलाफ किया गया।”

वीडी सतीशन ने बताया कि पिछली एलडीएफ सरकार ने यह योजना 11 फरवरी 2026 को शुरू की थी, जो विधानसभा चुनाव की अधिसूचना 16 मार्च 2026 से केवल एक महीने पहले की गई। पहली किस्त का भुगतान भी उसी दिन किया गया, जब मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू हुआ था।

सीएम सतीशन ने कहा कि एलडीएफ सरकार ने शुरुआत में इस योजना के तहत 31.34 लाख लाभार्थियों का अनुमान लगाया था, लेकिन बाद में यह संख्या घटाकर 16.4 लाख कर दी गई, जिससे चयन प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि आवेदन कुछ ही दिनों में स्थानीय निकाय सचिवों द्वारा बिना उचित जांच के निपटाए गए, जिसमें यह भी जांच नहीं की गई कि आवेदक पहले से किसी अन्य सरकारी पेंशन योजना का लाभ तो नहीं ले रहे हैं।

हालांकि राज्य बजट में इस योजना के लिए 1,950 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, लेकिन सरकार इसके भविष्य पर अंतिम निर्णय शिकायतों की जांच के बाद ही करेगी।

पिछली सरकार पर हमला करते हुए सीएम सतीशन ने कहा कि एलडीएफ ने 120 महीने तक केरल में शासन किया, लेकिन महिला सुरक्षा योजना को अपने कार्यकाल के अंतिम महीने में ही लागू किया, जब उसे स्थानीय निकाय चुनावों में झटका लगा था।

उन्होंने सवाल किया कि अगर यह उनका घोषणापत्र वादा था, तो इसे सरकार के जाने से ठीक पहले क्यों लागू किया गया?

अपनी सरकार की तुलना करते हुए सीएम सतीशन ने कहा कि नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा और आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में 3,000 रुपए की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई। इसके अलावा आंगनवाड़ी शिक्षकों, सहायकों और प्री-प्राइमरी शिक्षकों के वेतन में भी वृद्धि की गई।

उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार महिलाओं के कल्याण के लिए अधिक प्रतिबद्ध है और पिछली सरकार ने आशा कार्यकर्ताओं के लंबे आंदोलन की अनदेखी की तथा उनकी मांगों का समाधान करने के बजाय उनका मजाक उड़ाया।

–आईएएनएस

एएमटी/वीसी

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