विशाखापत्तनम, 16 अगस्त (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले में नवनिर्मित अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, भोगापुरम से रविवार आधी रात से वाणिज्यिक उड़ान सेवाएं शुरू होने जा रही हैं।
नागर विमानन मंत्रालय पहले ही घोषणा कर चुका है कि भोगापुरम स्थित अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के शुरू होने के साथ ही विशाखापत्तनम एयरपोर्ट के सिविल एन्क्लेव में सभी वाणिज्यिक परिचालन 17 अगस्त को रात 12:01 बजे से बंद कर दिए जाएंगे।
सभी एयरलाइंस आधी रात से अपनी उड़ान सेवाओं को विशाखापत्तनम एयरपोर्ट से भोगापुरम एयरपोर्ट स्थानांतरित कर रही हैं।
पहले दिन हैदराबाद, दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, कोलकाता और तिरुपति जैसे शहरों के लिए कुल 31 उड़ान सेवाएं संचालित होंगी।
मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, विशाखापत्तनम एयरपोर्ट के सिविल एन्क्लेव में वाणिज्यिक परिचालन बंद हो जाएगा। हालांकि, राष्ट्रीय आपातकाल की स्थिति में एयरपोर्ट की गतिविधियों, भारतीय वायुसेना या भारत के अन्य सशस्त्र बलों, पुलिस या अन्य संबंधित प्राधिकरणों के स्वामित्व अथवा उनके द्वारा संचालित विमानों के परिचालन तथा विशेष सरकारी स्वामित्व वाले, लीज पर लिए गए या किराए के वीआईपी विमानों से विशिष्ट व्यक्तियों के परिवहन की अनुमति रहेगी।
मौजूदा विशाखापत्तनम एयरपोर्ट का अंतरराष्ट्रीय एयर ट्रांसपोर्ट कोड ‘वीटीजेड’ भी 17 अगस्त को रात 12:01 बजे से भोगापुरम इंटरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 अगस्त को नए एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था।
करीब 4,727 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित भोगापुरम भारत में सबसे तेजी से तैयार होने वाले ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों में से एक है। इसे महज 31 महीनों में पूरा किया गया, जो निर्धारित समय से लगभग पांच महीने पहले है।
एयरपोर्ट को पहले ही डीजीसीए का एयरोड्रोम लाइसेंस मिल चुका है। इसके अलावा सभी आवश्यक सुरक्षा, अग्निशमन और पर्यावरण संबंधी मंजूरियां भी प्राप्त हो चुकी हैं।
पहले चरण में एयरपोर्ट को सालाना 60 लाख यात्रियों को संभालने के लिए डिजाइन किया गया है। भविष्य में इसकी क्षमता बढ़ाकर सालाना 4 करोड़ यात्रियों तक करने की योजना है।
इस परियोजना से पूर्ववर्ती विशाखापत्तनम, विजयनगरम और श्रीकाकुलम जिलों में आर्थिक विकास, पर्यटन, औद्योगिक निवेश, निर्यात, लॉजिस्टिक्स तथा एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्रों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
एकीकृत परियोजना 2,703.26 एकड़ में फैली है। इसमें 2,203.32 एकड़ एयरपोर्ट, 500 एकड़ एविएशन हब और 136.63 एकड़ एविएशन यूनिवर्सिटी/एजुसिटी के लिए निर्धारित है। परियोजना में एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर, वाणिज्यिक विकास, आवासीय क्षेत्र और संपर्क सड़कों सहित व्यापक सुविधाएं शामिल हैं।
एयरपोर्ट का 3,800 मीटर लंबा कोड-ई रनवे बोइंग 777, बोइंग 787 ड्रीमलाइनर, एयरबस ए330 और एयरबस ए340 जैसे बड़े विमानों को संभालने में सक्षम है। एयरपोर्ट में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों परिचालनों को समर्थन देने के लिए आधुनिक एयरफील्ड लाइटिंग, नेविगेशन सुविधाएं और सीएनएस/एटीएम इंफ्रास्ट्रक्चर भी स्थापित किया गया है।
–आईएएनएस
एबीएस
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