नई दिल्ली, 23 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली के उपराज्यपाल (एल-जी) टी.एस. संधू के सुझाव के अनुसार, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने मास्टर प्लान फॉर दिल्ली-2047 (एमपीडी-2047) को लेकर बड़े स्तर पर जनसंपर्क अभियान की योजना बनाई है। इसके तहत अगले तीन महीनों में पक्षकारों के साथ 20 बैठकें आयोजित करने का प्रस्ताव है। यह जानकारी रविवार को एक अधिकारी की ओर से दी गई।
अधिकारी ने एक बयान में कहा कि प्राधिकरण एमपीडी-2047 के क्रियान्वयन को लेकर निर्वाचित प्रतिनिधियों, सरकारी एजेंसियों, पेशेवर संस्थाओं, उद्योग जगत, निवासियों, जमीन मालिकों और अन्य पक्षकारों के साथ सीधे संवाद करेगा।
डीडीए के अध्यक्ष उपराज्यपाल होते हैं।
बयान में कहा गया कि इन बैठकों के माध्यम से एमपीडी-2047 के विभिन्न प्रावधानों पर केंद्रित चर्चा के लिए मंच उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, योजना के दृष्टिकोण को जमीन पर लागू करने के लिए बेहतर समन्वय और भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
इस जनसंपर्क अभियान के तहत डीडीए सांसदों और विधायकों के साथ भी एमपीडी-2047 के प्रमुख प्रावधानों पर चर्चा करेगा। इनमें ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी), हाई डेंसिटी कॉरिडोर (एचडीसी), लैंड पूलिंग और लो डेंसिटी एरिया (एलडीए) शामिल हैं।
योजना के क्रियान्वयन के लिए समन्वय मजबूत करने के उद्देश्य से सरकारी एजेंसियों और सेवा प्रदाताओं के साथ भी अलग-अलग बैठकें की जाएंगी।
बयान में कहा गया कि सीआईआई, फिक्की, पीएचडी चैंबर, एसोचैम और डीएसआईआईडीसी सहित उद्योग संगठनों और चैंबरों के साथ औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और उद्योगों के लिए जमीन की उपलब्धता आसान बनाने के उपायों पर चर्चा की जाएगी।
आर्किटेक्ट, टाउन प्लानर, पेशेवर संस्थान और निजी क्षेत्र के हितधारक भी टीओडी, एचडीसी, लैंड पूलिंग और एमपीडी-2047 के तहत प्रस्तावित अन्य विकास अवसरों पर होने वाली चर्चाओं में शामिल होंगे।
डीडीए ग्रुप हाउसिंग के पुनर्विकास को लेकर रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए), ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी, कोऑपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी और अन्य पक्षकारों से भी संपर्क करेगा।
लैंड पूलिंग के संबंध में किसानों, जमीन मालिकों और स्थानीय पक्षकारों के साथ क्षेत्रवार बैठकें आयोजित की जाएंगी।
बयान में कहा गया, “जनसंपर्क कार्यक्रम में लो डेंसिटी एरिया, यमुना का पुनर्जीवन और दिल्ली के ब्लू-ग्रीन नेटवर्क का विकास, विरासत संरक्षण, मिश्रित उपयोग विकास, वाणिज्यिक केंद्रों का विकास एवं पुनर्विकास, इन-सिटू झुग्गी पुनर्विकास तथा भीड़ कम करने और बेहतर आवागमन के उपायों को भी शामिल किया जाएगा।”
दिल्ली में शिक्षा और चिकित्सा केंद्र विकसित करने को लेकर भी केंद्रित हितधारक बैठकें प्रस्तावित हैं। इनमें शैक्षणिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों, स्वास्थ्य संस्थानों और अन्य संबंधित हितधारकों की भागीदारी होगी।
डीडीए का कहना है कि इस व्यापक जनसंपर्क अभियान के जरिए एमपीडी-2047 के तहत उपलब्ध अवसरों के बारे में जागरूकता बढ़ाने, क्रियान्वयन से जुड़ी एजेंसियों के बीच समन्वय मजबूत करने और आने वाले दशकों में दिल्ली के विकास की दिशा तय करने में नागरिकों तथा पक्षकारों की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य है।
–आईएएनएस
एबीएस
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