नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली के चावड़ी बाजार इलाके में इमारत गिरने के बाद सीएम रेखा गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इस हादसे में दो लोगों की मृत्यु हुई है। सीएम ने बताया कि इस हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम ने अपने जूनियर इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया है।
मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि अब तक दो लोगों के शव निकाले जा चुके हैं जबकि एक व्यक्ति को घायल अवस्था में बचा लिया गया है।
उन्होंने कहा कि इस इमारत में ग्राउंड फ्लोर के अलावा दो और मंजिलें थी और यहां निर्माण कार्य चल रहा था। इमारत गिरने का असली कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। नगर निगम ने अपने जूनियर इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया है और निर्माण कार्य कराने वाले ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह का निर्माण कार्य करते समय सुरक्षा नियमों का पालन करें।उन्होंने कहा कि लोग घर बनाते समय अपनी सुरक्षा को जिस तरह नजरअंदाज कर रहे हैं, वह उनकी अपनी जान के लिए खतरनाक है।
सीएम ने निर्माण कार्य की देखरेख करने वाले अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अधिकारी लापरवाही बरतते पाए गए, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य के प्रभारी होने के बावजूद ठेकेदार ने मजदूरों की सुरक्षा की कोई परवाह नहीं की। यही वजह है कि उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
घटनास्थल पर पहुंचे दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने आईएएनएस को बताया कि ऐसी घटनाएं तब होती हैं जब नियमों का उल्लंघन करके निर्माण कार्य किया जाता है और सुरक्षा के उचित इंतजाम नहीं किए जाते। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को भी जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि एमसीडी के जूनियर इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया गया है और ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।
निर्माण कार्य को अवैध बताते हुए हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि अगर अवैध तरीके से अतिरिक्त मंजिलें बनाई जाएंगी, तो इमारत का गिरना तय है।
मेयर प्रवेश वाही ने कहा कि अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है और मामले की जांच चल रही है। नगर आयुक्त के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई है, जो तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक हेरिटेज क्षेत्र होने के बावजूद, यहां विकास कार्यो के लिए कोई नियम या दिशा-निर्देश तय नहीं किए गए हैं।
उन्होंने आईएएनएस को बताया कि शाहजहानाबाद डेवलपमेंट बोर्ड नाम का एक बोर्ड बनाया गया था लेकिन सड़कों पर लाल पत्थर लगाने के अलावा इसने और क्या किया? हमारी सरकार ने इस बोर्ड को फिर से सक्रिय कर दिया है और हेरिटेज इमारतों तथा इस इलाके के लिए नए नियम-कानून बनाने पर काम कर रही है।
इससे पहले, घटनास्थल से बचाए गए एक मजदूर ने बताया कि स्लैब डालने का काम था। हमें बस कंक्रीट डालकर वहां से निकल जाना था। हमें कैसे पता चलता कि यह गिर जाएगा? जिस हिस्से में स्लैब डाला जा चुका था, उसके नीचे एक-दो लकड़ी के सहारे लगाए गए थे। ये सहारे चरमराने लगे थे, जैसे कि वे अब टूट जाएंगे। यह देखकर मैंने सबको चेतावनी दी कि सहारे टूट रहे हैं और स्लैब गिर सकता है। जब मजदूर वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, तभी इमारत ढह गई।
–आईएएनएस
डीकेएम/पीएम
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