नई दिल्ली, 23 जुलाई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में नीट पेपर लीक को लेकर चल रहे प्रदर्शन के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) को लेकर सामने आई खबरों पर दिल्ली पुलिस ने स्थिति स्पष्ट की है। पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के लिए उसे एनएसए के तहत कोई नई शक्ति नहीं दी गई है। यह आदेश वर्षों से लागू एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसे हर तीन महीने में नवीनीकृत किया जाता है।
दरअसल, दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) ने 15 जुलाई को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए), 1980 की धारा 3(3) के तहत एक आदेश जारी किया था। इस आदेश के अनुसार, 19 जुलाई से 18 अक्टूबर तक दिल्ली पुलिस आयुक्त को एनएसए के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करने का अधिकार दिया गया है।
इस अवधि के दौरान, यदि राष्ट्रीय सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था के हित में आवश्यक समझा जाए, तो दिल्ली पुलिस आयुक्त एनएसए की धारा 3(2) के तहत किसी व्यक्ति के खिलाफ निवारक हिरासत का आदेश जारी कर सकते हैं।
हालांकि, दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह कोई नया आदेश नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, यह व्यवस्था लंबे समय से लागू है और इसे हर तीन महीने में नियमित रूप से बढ़ाया जाता है।
दिल्ली पुलिस के आधिकारिक बयान में कहा गया कि कुछ मीडिया संस्थानों ने यह खबर चलाई कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में चल रहे प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली पुलिस आयुक्त को एनएसए के तहत हिरासत की विशेष शक्तियां दी गई हैं।
पुलिस ने इस दावे को गलत बताते हुए कहा कि मौजूदा नवीनीकरण का आदेश 7 जुलाई 2026 को जारी किया गया था, जो 19 जुलाई से 18 अक्टूबर 2026 की अवधि के लिए है। यह आदेश सीजेपी के प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही जारी किया जा चुका था।
दिल्ली पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा आंदोलन को देखते हुए कोई विशेष अनुरोध या अलग आदेश जारी नहीं किया गया।
–आईएएनएस
वीकेयू/पीएम
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