तमिलनाडु: डीएमके की कार्यकारी समिति ने व्यापक संगठनात्मक पुनर्गठन को मंजूरी दी

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चेन्नई, 22 अगस्त (आईएएनएस)। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) की कार्यकारी समिति ने शनिवार को व्यापक संगठनात्मक पुनर्गठन को मंजूरी दी। इसमें जिलों की संख्या 77 से बढ़ाकर 110 करना और विभिन्न स्तरों पर पदाधिकारियों के लिए आयु और कार्यकाल सीमा लागू करना शामिल है। चेन्नई के अन्ना अरिवलयम में पार्टी अध्यक्ष एमके स्टालिन की अध्यक्षता में हुई बैठक में संगठन को उसकी शताब्दी वर्षगांठ के मद्देनजर पुनर्जीवित करने के लिए गठित समिति द्वारा प्रस्तुत सिफारिशों पर विचार किया गया। ये परिवर्तन डीएमके के 16वें संगठनात्मक चुनावों के तहत लागू किए जाएंगे। नए नियमों के अनुसार, शाखा सचिवों की आयु 45…

चेन्नई, 22 अगस्त (आईएएनएस)। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) की कार्यकारी समिति ने शनिवार को व्यापक संगठनात्मक पुनर्गठन को मंजूरी दी। इसमें जिलों की संख्या 77 से बढ़ाकर 110 करना और विभिन्न स्तरों पर पदाधिकारियों के लिए आयु और कार्यकाल सीमा लागू करना शामिल है।

चेन्नई के अन्ना अरिवलयम में पार्टी अध्यक्ष एमके स्टालिन की अध्यक्षता में हुई बैठक में संगठन को उसकी शताब्दी वर्षगांठ के मद्देनजर पुनर्जीवित करने के लिए गठित समिति द्वारा प्रस्तुत सिफारिशों पर विचार किया गया। ये परिवर्तन डीएमके के 16वें संगठनात्मक चुनावों के तहत लागू किए जाएंगे।

नए नियमों के अनुसार, शाखा सचिवों की आयु 45 वर्ष या उससे कम होनी चाहिए और वे अधिकतम दो कार्यकाल तक सेवा कर सकते हैं।

शहरी क्षेत्रों में एक नई शाखा-स्तरीय संरचना और शाखा सचिव का पद सृजित किया जाएगा। यह प्रणाली प्रारंभ में चेन्नई, कोयंबटूर, मदुरै, तिरुचिरापल्ली और सलेम में लागू की जाएगी और बाद में अन्य निगमों में भी विस्तारित की जा सकती है।

चेन्नई में वार्ड स्तर की पार्टी इकाइयां औसतन 10,000 मतदाताओं को ध्यान में रखकर गठित की जाएंगी, जबकि अन्य शहरों में ये इकाइयां लगभग 5,000 मतदाताओं को कवर करेंगी।

वार्ड सचिवों की आयु 50 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए और उनका कार्यकाल दो तक सीमित रहेगा। पंचायत, क्षेत्र, नगर और संघ सचिवों के लिए अधिकतम आयु 60 वर्ष निर्धारित की गई है और उनका कार्यकाल भी दो तक सीमित रहेगा।

चेन्नई में क्षेत्र इकाइयों में लगभग 40,000 मतदाता शामिल होने चाहिए, जबकि अन्य शहरों में लगभग 30,000 मतदाता शामिल होने चाहिए।

प्रत्येक 40,000 मतदाताओं के लिए नगर इकाई और प्रत्येक 30,000 मतदाताओं के लिए संघ इकाई बनाई जाएगी।

पार्टी ने पंचायत संघों के आधार पर संघ इकाइयों के पुनर्गठन का भी निर्णय लिया है। किसी भी पंचायत को विभाजित करके दो अलग-अलग पार्टी संघों से नहीं जोड़ा जाएगा, और प्रत्येक संघ पूरी तरह से एक विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आना चाहिए।

सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तन जिला इकाइयों का 77 से बढ़कर 110 होना है। राजस्व जिलों का सामान्यतः इस प्रकार पुनर्गठन किया जाएगा कि प्रत्येक पार्टी जिला दो विधानसभा क्षेत्रों को कवर करे।

पुनर्गठन के बाद यदि केवल एक ही निर्वाचन क्षेत्र बचता है, तो उसे उसी राजस्व जिले के भीतर किसी अन्य उपयुक्त पार्टी जिले से तीसरे निर्वाचन क्षेत्र के रूप में जोड़ दिया जाएगा।

जिला सचिवों की आयु 70 वर्ष से कम होनी चाहिए और वे अधिकतम तीन कार्यकाल तक सेवा कर सकते हैं।

स्टालिन को प्रत्येक 110 इकाइयों के अंतर्गत आने वाले निर्वाचन क्षेत्रों को निर्धारित करने और घोषित करने का अधिकार दिया गया है। नए जिलों की घोषणा के बाद, जिला कार्यकारी समितियों को बैठक करके 15 दिनों के भीतर संघ, शहर, क्षेत्र, कस्बा, वार्ड और शाखा इकाइयों का गठन करना होगा।

इसके बाद मुख्यालय के प्रतिनिधि की उपस्थिति में सूचियों को अनुमोदित किया जाना चाहिए और अंतिम मंजूरी के लिए पार्टी नेतृत्व को भेजा जाना चाहिए।

समिति ने सभी पदाधिकारियों से आग्रह किया कि वे प्रस्तावों को शीघ्रता से लागू करना सुनिश्चित करें।

–आईएएनएस

एमएस/

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IANS Agency

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