सूखे के बीच वित्त विभाग के पत्र को लेकर भाजपा ने कर्नाटक सरकार पर साधा निशाना

Summary :

बेंगलुरु, 22 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने मंगलवार को आरोप लगाया कि राज्य सरकार के अपने वित्त विभाग ने यह कहकर अपने वित्तीय संकट को उजागर कर दिया है कि नई योजनाओं और अतिरिक्त उधार लेने की बहुत कम गुंजाइश है। विधानसभा में सूखे की स्थिति पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए अशोक ने 17 सितंबर के फाइनेंस डिपार्टमेंट के एक कम्युनिकेशन का हवाला दिया और दावा किया कि सरकार ने कम बारिश की चेतावनी के बावजूद समय पर कदम उठाने में नाकाम रहने के कारण अपनी…

बेंगलुरु, 22 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने मंगलवार को आरोप लगाया कि राज्य सरकार के अपने वित्त विभाग ने यह कहकर अपने वित्तीय संकट को उजागर कर दिया है कि नई योजनाओं और अतिरिक्त उधार लेने की बहुत कम गुंजाइश है।

विधानसभा में सूखे की स्थिति पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए अशोक ने 17 सितंबर के फाइनेंस डिपार्टमेंट के एक कम्युनिकेशन का हवाला दिया और दावा किया कि सरकार ने कम बारिश की चेतावनी के बावजूद समय पर कदम उठाने में नाकाम रहने के कारण अपनी उधार लेने की क्षमता का ज्यादातर हिस्सा खत्म कर दिया है।

अशोक के अनुसार, डिपार्टमेंट ने कहा कि लगभग 1,000 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स को बजट में शामिल नहीं किया गया था, और जब तक अतिरिक्त रिसोर्स की पहचान नहीं हो जाती, नई स्कीमों को फाइनेंस करना मुश्किल हो सकता है।

उन्होंने कहा कि फिस्कल डेफिसिट एफआरबीएम फ्रेमवर्क के तहत तीन प्रतिशत की लिमिट के मुकाबले 2.95 प्रतिशत तक पहुंच गया था, जबकि रेवेन्यू डेफिसिट 22,952 करोड़ रुपये था। उन्होंने दावा किया कि राज्य की बकाया देनदारियां जीएसडीपी के 24.94 प्रतिशत तक पहुंच गई थीं, जो 25 प्रतिशत की लिमिट के करीब है।

अशोक ने आरोप लगाया कि इसलिए कर्नाटक के पास नए लोन लेने की गुंजाइश कम है। उन्होंने कहा कि पेंडिंग बिल लगभग 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गए हैं, जिसमें पब्लिक वर्क्स और वॉटर रिसोर्सेज सहित चार डिपार्टमेंट्स का हिस्सा 36,136 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि फाइनेंशियल ईयर के पहले छह महीनों में 5,000 करोड़ रुपए से ज़्यादा के कामों को मंजूरी दी गई है।

अशोक ने कहा, “नेचुरल सूखे से तभी निपटा जा सकता है जब सरकार में कोई फाइनेंशियल सूखा न हो,” उन्होंने आरोप लगाया कि फाइनेंशियल स्थिति सूखे से राहत, पीने के पानी और चारे के इंतज़ाम पर असर डाल सकती है।

उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि अप्रैल में इंडिया मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट की चेतावनी और केंद्र से संभावित एल नीनो असर के संकेतों के बावजूद सूखे से जुड़े एक्शन में देरी हो रही है।

उन्होंने सवाल किया कि अप्रैल में कैबिनेट नोट जमा करने के बावजूद सरकार ने चार महीने बाद सूखे की घोषणा क्यों की।

अशोक ने पीने के पानी, चारे, जानवरों के शेल्टर और बोरवेल की मरम्मत के लिए नाकाफी इंतजामों का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में करीब 37 लाख बोरवेल हैं और सवाल किया कि कितने काम कर रहे हैं।

क्लाउड सीडिंग की आलोचना करते हुए, उन्होंने दावा किया कि मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद 28 करोड़ रुपए दिए गए थे और आरोप लगाया कि इस काम से किसानों को कोई फायदा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि 4 सितंबर तक 84.10 लाख हेक्टेयर के टारगेट के मुकाबले 67.32 लाख हेक्टेयर में बुआई हो चुकी थी।

अशोका ने खेती का लोन माफ करने, 50,000 रुपए प्रति एकड़ मुआवजा देने, प्राइवेट लोन देने वालों को रेगुलेट करने, ग्रामीण योजनाओं के तहत नौकरी देने, चारे का स्टॉक रखने, जानवरों के लिए शेल्टर बनाने, झील से गाद निकालने और ज़रूरत पड़ने पर बोरवेल पर लगी रोक में ढील देने की मांग की।

उन्होंने बाहर से आए परिवारों के लिए मदद और उनके बच्चों की पढ़ाई में मदद करने के साथ-साथ 5,000 करोड़ रुपए के प्रस्तावित प्राकृतिक आपदा फंड को लागू करने की भी मांग की।

–आईएएनएस

डीकेपी/

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

IANS Agency

The Indo-Asian News Service (IANS) is a private news agency providing round-the-clock, in-depth coverage of politics, business, entertainment, and world affairs from India and South Asia.