कोलकाता, 5 मई (आईएएनएस)। चुनाव आयोग ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और राज्य में तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को पोस्ट-पोल हिंसा के प्रति जीरो टॉलरेंस अपनाने के निर्देश दिए हैं।
चुनाव आयोग का यह निर्देश तब आया जब सोमवार की शाम से राज्य के कई हिस्सों में चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद हिंसा की घटनाओं की रिपोर्ट सामने आईं।
टीएमसी ने आरोप लगाया कि उसके कई पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई और उसके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट हुई।
दक्षिण कोलकाता के टॉलीगंज इलाके में पूर्व टीएमसी विधायक अरूप बिस्वास का पार्टी कार्यालय भी तोड़ दिया गया।
बेलियाघाटा क्षेत्र में एक टीएमसी कार्यालय में भी तोड़फोड़ की गई और एक कार्यकर्ता की पिटाई की गई।
टीएमसी ने यह भी दावा किया कि अभिषेक बनर्जी का आम्तला स्थित कार्यालय भी भीड़ के हमले का शिकार हुआ।
इन घटनाओं के बाद चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी और सीएपीएफ कर्मियों को सख्त कार्रवाई करने और ऐसी घटनाओं पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का निर्देश दिया।
लगभग डेढ़ दशक बाद राज्य में राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी ने 293 में से 207 सीटें जीतकर सत्ता हासिल की है, जबकि टीएमसी की सीटें 2021 के 215 से घटकर 80 रह गई हैं।
इससे पहले दिन में, कोलकाता पुलिस ने सोशल मीडिया पर फर्जी या भड़काऊ पोस्ट फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी थी, जिससे शहर में अशांति फैल सकती है।
पुलिस ने कहा कि शहर की स्थिति नियंत्रण में है और लोगों से ऐसी पोस्ट साझा न करने की अपील की गई है। यह चेतावनी तब जारी की गई जब सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे थे, जिनमें चुनाव परिणामों के बाद हिंसा के दावे किए जा रहे थे।
वहीं, सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कोलकाता स्थित आवास के बाहर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई कार्यकर्ता और समर्थक इकट्ठा हुए और जमकर नारेबाजी की।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सैकड़ों भाजपा समर्थक कोलकाता के कालीघाट इलाके में मुख्यमंत्री आवास के पास सड़कों पर ‘जय श्री राम’, ‘भाजपा जिंदाबाद’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाते हुए दिखाई दिए। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को तितर-बितर किया और स्थिति को नियंत्रित किया।
–आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी
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