रोमानिया की संसद ने प्रधानमंत्री इली की सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास किया

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बुखारेस्ट, 5 मई (आईएएनएस)। रोमानिया की द्विसदनीय संसद ने मंगलवार को प्रधानमंत्री इली बोलोजान की सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास कर दिया। इसमें 281 वोट पक्ष में और सिर्फ चार वोट विपक्ष में पड़े, जिससे सरकार गिर गई। यह जानकारी संसद के लाइव प्रसारण के अनुसार सामने आई। संविधान के अनुसार, जैसे ही यह प्रस्ताव पास हुआ, बोलोजान में अब एक कार्यवाहक सरकार बन जाएगी। इसका मतलब है कि अब यह सरकार सिर्फ रोजमर्रा के प्रशासनिक काम ही कर सकेगी। यह सरकार न तो कोई नया कानून बना सकेगी और न ही आपातकालीन आदेश जारी कर सकेगी। इस अंतरिम…

बुखारेस्ट, 5 मई (आईएएनएस)। रोमानिया की द्विसदनीय संसद ने मंगलवार को प्रधानमंत्री इली बोलोजान की सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास कर दिया। इसमें 281 वोट पक्ष में और सिर्फ चार वोट विपक्ष में पड़े, जिससे सरकार गिर गई। यह जानकारी संसद के लाइव प्रसारण के अनुसार सामने आई।

संविधान के अनुसार, जैसे ही यह प्रस्ताव पास हुआ, बोलोजान में अब एक कार्यवाहक सरकार बन जाएगी। इसका मतलब है कि अब यह सरकार सिर्फ रोजमर्रा के प्रशासनिक काम ही कर सकेगी। यह सरकार न तो कोई नया कानून बना सकेगी और न ही आपातकालीन आदेश जारी कर सकेगी। इस अंतरिम सरकार का कार्यकाल अधिकतम 45 दिनों तक हो सकता है।

राष्ट्रीय लिबरल पार्टी की इ‍ल‍ी ने जून 2025 में प्रधानमंत्री पद संभाला था। लेकिन उनकी सख्त आर्थिक नीतियों और कुछ रणनीतिक सरकारी संपत्तियों को बेचने के प्रस्ताव का सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी (पीएसडी) ने कड़ा विरोध किया। पीएसडी देश की सबसे बड़ी पार्टी है जो पहले सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा थी।

अप्रैल में पीएसडी ने सरकार से अपना राजनीतिक समर्थन वापस ले लिया और अपने सभी मंत्रियों को भी सरकार से हटा लिया। पार्टी ने इली से इस्तीफा देने की मांग की, लेकिन उन्होंने मानने से इनकार कर दिया।

लोकल मीडिया आउटलेट डिजी24 के मुताबिक, 28 अप्रैल को रोमानिया की दो बड़ी संसदीय पार्टियों सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी (पीएसडी) और अलायंस फॉर द यूनियन ऑफ रोमानियंस (एयूआर) ने प्रधानमंत्री इली की सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव संसद में पेश किया।

रोमानिया की 464 सीटों वाली संसद में किसी अविश्वास प्रस्ताव को पास करने के लिए कम से कम 233 वोट चाहिए होते हैं। पीएसडी और एयूआर के पास मिलाकर करीब 220 सीटें हैं, लेकिन इस प्रस्ताव को 251 सांसदों के हस्ताक्षर मिल गए थे, जिसमें छोटी विपक्षी पार्टियों और कुछ निर्दलीय सांसदों का भी समर्थन शामिल था।

इस मुद्दे पर दोनों बड़ी पार्टियां एक साथ आईं, लेकिन पीएसडी और एयूआर की विचारधारा बिल्कुल अलग है। पीएसडी एक मध्यम-वाम (सेंटर-लेफ्ट) पार्टी है, जबकि एयूआर एक दूर-दक्षिणपंथी (फार-राइट) पार्टी है। पहले कभी भी इन दोनों ने मिलकर काम नहीं किया था।

इन दोनों का एक ही साझा लक्ष्य था इली को सत्ता से हटाना। लेकिन उनके बाकी राजनीतिक लक्ष्य अलग हैं। एयूआर जल्दी चुनाव कराना चाहता है, जबकि पीएसडी चाहती है कि एक नई ‘यूरोपीय समर्थक गठबंधन सरकार’ बनाई जाए।

–आईएएनएस

एवाई/एबीएम

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