हीरा ग्रुप मामले में ईडी ने की 159 करोड़ रुपए की संपत्तियों की नीलामी, धोखाधड़ी का शिकार हुए निवेशकों को मिलेगी राहत

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हैदराबाद, 20 जून (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित वित्तीय धोखाधड़ी मामले की आरोपी नोहेरा शेख, हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज और उससे जुड़ी संस्थाओं की लगभग 159 करोड़ रुपए मूल्य की 23 अचल संपत्तियों की नीलामी कर दी है। एजेंसी ने शनिवार को कहा कि यह कदम देश भर में कथित तौर पर ठगे गए हजारों निवेशकों को उनका पैसा लौटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। गौरतलब है कि नोहेरा शेख हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज की प्रमुख हैं। ईडी के अनुसार, यह नीलामी 19 जून को मेटल स्क्रैप ट्रेड कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमएसटीसी) के माध्यम से कराई गई। यह…

हैदराबाद, 20 जून (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित वित्तीय धोखाधड़ी मामले की आरोपी नोहेरा शेख, हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज और उससे जुड़ी संस्थाओं की लगभग 159 करोड़ रुपए मूल्य की 23 अचल संपत्तियों की नीलामी कर दी है। एजेंसी ने शनिवार को कहा कि यह कदम देश भर में कथित तौर पर ठगे गए हजारों निवेशकों को उनका पैसा लौटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

गौरतलब है कि नोहेरा शेख हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज की प्रमुख हैं।

ईडी के अनुसार, यह नीलामी 19 जून को मेटल स्क्रैप ट्रेड कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमएसटीसी) के माध्यम से कराई गई। यह कार्रवाई मामले से संबंधित चल रही सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में की गई।

ईडी की हैदराबाद यूनिट ने नोहेरा शेख, हीरा ग्रुप और अन्य लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी। आरोप है कि इन लोगों ने आम जनता से 36 प्रतिशत से अधिक वार्षिक रिटर्न का वादा करके 5,978 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश जुटाया था।

जांच एजेंसियों का आरोप है कि आरोपियों ने निवेशकों को मूलधन तक वापस नहीं किया, जिससे कई राज्यों के निवेशकों को भारी नुकसान हुआ।

नीलामी में बेची गई संपत्तियों को पहले धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत जब्त किया गया था।

ईडी के मुताबिक, इन संपत्तियों की पहचान अपराध से अर्जित आय (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) के रूप में की गई थी, और बाद में पीएमएलए के तहत न्यायनिर्णायक प्राधिकरण ने भी इनकी जब्ती को मंजूरी दी थी।

एजेंसी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार एमएसटीसी के माध्यम से नीलामी प्रक्रिया पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी तरीके से पूरी की गई।

नीलामी से प्राप्त राशि का उपयोग सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में वास्तविक निवेशकों और पीड़ितों को पैसा लौटाने के लिए किया जाएगा।

ईडी का कहना है कि इस कदम से कथित निवेश घोटाले से प्रभावित हजारों निवेशकों को मुआवजा देने की प्रक्रिया को गति मिलेगी।

ईडी ने मामले में आपराधिक कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने नोहेरा शेख की जमानत रद्द कर दी थी क्योंकि उन्होंने अदालत के निर्देशों का पालन नहीं किया था।

इसके बाद हैदराबाद की विशेष पीएमएलए अदालत ने 7 मई को उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था।

विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर ईडी अधिकारियों ने 21 मई को हरियाणा के गुरुग्राम से नोहेरा शेख को गिरफ्तार किया। बाद में उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वह फिलहाल जेल में बंद हैं।

एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि नोहेरा शेख की निजी सहायक नाजनीन अंसारी उर्फ आबिदा ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की जानकारी होने के बावजूद नीलामी प्रक्रिया में बाधा डाली।

उन पर आरोप है कि उन्होंने जब्त की गई संपत्तियों के निरीक्षण में रुकावट पैदा की और उन्हें अपराध से असंबंधित संपत्तियां बताने की कोशिश की।

इसके बाद नाजनीन अंसारी को भी गिरफ्तार कर लिया गया, और विशेष पीएमएलए अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। ईडी ने कहा कि मामले की आगे की जांच जारी है।

–आईएएनएस

डीबीपी

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