नई दिल्ली, 4 मई (आईएएनएस)। तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों की मतगणना सोमवार से शुरू हो रही है। कई चरणों में गिनती के साथ रुझान सामने आएंगे और दिन के अंत तक अंतिम नतीजे आने की उम्मीद है।
तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल और असम में करीब 25 करोड़ लोगों ने हाल ही में मतदान किया है। ये चुनाव हाल के समय के सबसे महत्वपूर्ण चुनावों में माने जा रहे हैं। ये सिर्फ राज्य स्तर के चुनाव नहीं हैं, बल्कि यह भी तय करेंगे कि जनता राज्य सरकारों की कल्याण योजनाओं को ज्यादा पसंद करती है या केंद्र सरकार की नीतियों को।
पश्चिम बंगाल में मतदान को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, जहां रिकॉर्ड 92.93 प्रतिशत लोगों ने वोट डाले। हालांकि, सोमवार को राज्य की 294 में से सिर्फ 293 सीटों की गिनती होगी। चुनाव आयोग ने दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा सीट पर 21 मई को दोबारा मतदान कराने का फैसला किया है, जिसका परिणाम 24 मई को आएगा।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस चौथी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही हैं। उनका मुकाबला भाजपा से है, जो पहले कमजोर थी लेकिन अब मजबूत चुनौती बन चुकी है। इस चुनाव में भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किए गए। आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना के बाद महिलाओं की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर लोगों में चिंता भी एक बड़ा मुद्दा बना।
तृणमूल कांग्रेस अपनी जमीनी पकड़ और लक्ष्मी भंडार जैसी योजनाओं पर भरोसा कर रही है, जबकि भाजपा सरकार के खिलाफ नाराजगी और प्रशासनिक कमियों को मुद्दा बना रही है। एग्जिट पोल के अनुसार मुकाबला बहुत करीबी है। थोड़े से वोट का अंतर भी तय करेगा कि ममता बनर्जी फिर से जीतेंगी या भाजपा पहली बार राज्य में सरकार बनाएगी।
दक्षिण में तमिलनाडु में भी 85.1 प्रतिशत मतदान हुआ है, जो रिकॉर्ड है। यहां आमतौर पर डीएमके और एआईएडीएमके के बीच सीधा मुकाबला होता है, लेकिन इस बार अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) भी मैदान में है। अनुमान बताते हैं कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाला गठबंधन आगे है और उसे 120 से 145 सीटें मिल सकती हैं। वहीं विजय की पार्टी तीसरी ताकत बनकर उभरी है और चेन्नई व मदुरै जैसे शहरों में करीब 30 प्रतिशत वोट पा सकती है। इससे राज्य की पारंपरिक राजनीति बदल सकती है।
इस बीच, केरल में भी मुकाबला दिलचस्प है। पिनराई विजयन के नेतृत्व में वाम मोर्चा लगातार तीसरी बार जीतने की कोशिश कर रहा है, जो अब तक कभी नहीं हुआ। लेकिन यहां मुकाबला कड़ा है और कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ करीब 72 सीटें जीत सकता है। अगर यूडीएफ अच्छा प्रदर्शन करता है, तो यह कांग्रेस के लिए राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी राहत होगी और यह दिखाएगा कि वह बड़े गठबंधन का नेतृत्व कर सकती है।
पूर्वोत्तर के असम में भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन मजबूत स्थिति में दिख रहा है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में एनडीए लगातार तीसरी बार जीत की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। एग्जिट पोल के अनुसार एनडीए को 126 में से 85 से 100 सीटें मिल सकती हैं। हालांकि, कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने मिलकर मोर्चा बनाया है, लेकिन उनके सामने भाजपा की मजबूत संगठन क्षमता की चुनौती है।
कुल मिलाकर, देशभर में चुनाव के नतीजों का इंतजार है। एक बात साफ दिख रही है कि लोग अच्छी कामकाज वाली सरकार को पसंद कर रहे हैं, लेकिन साथ ही सुरक्षा, पलायन और रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर भी अब ज्यादा जागरूक हो गए हैं।
–आईएएनएस
एएस/
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