फास्ट ब्रीडर रिएक्टर विश्वसनीय और उच्च तापीय दक्षता प्रदान करेंगे : केंद्र

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नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत के पहले 500 मेगावाट के प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) के सफलतापूर्वक क्रिटिकैलिटी (सुरक्षित और सामान्य रूप से काम करना) हासिल करने पर, केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि पहला फास्ट ब्रीडर रिएक्टर विश्वसनीय, कम कार्बन वाली उच्च तापीय दक्षता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसे भारत के न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है और इससे देश को ऊर्जा में आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। पीएफबीआर ने सोमवार को ऑटोमिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड (एईआरबी) द्वारा स्थापित की गई सभी सुरक्षा निर्देंशों को पूरा करने के बाद क्रिटिकैलिटी हासिल…

नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत के पहले 500 मेगावाट के प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) के सफलतापूर्वक क्रिटिकैलिटी (सुरक्षित और सामान्य रूप से काम करना) हासिल करने पर, केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि पहला फास्ट ब्रीडर रिएक्टर विश्वसनीय, कम कार्बन वाली उच्च तापीय दक्षता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इसे भारत के न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है और इससे देश को ऊर्जा में आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।

पीएफबीआर ने सोमवार को ऑटोमिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड (एईआरबी) द्वारा स्थापित की गई सभी सुरक्षा निर्देंशों को पूरा करने के बाद क्रिटिकैलिटी हासिल कर ली थी।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि यह उपलब्धि भारत के नागरिक परमाणु कार्यक्रम की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

उन्होंने कहा, “भारत ने अपने नागरिक परमाणु कार्यक्रम की दिशा में एक निर्णायक कदम उठाया है और अपने परमाणु कार्यक्रम के दूसरे चरण को आगे बढ़ाया है। स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने कलपक्कम में क्रिटिकैलिटी हासिल कर ली है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि यह एडवांस रिएक्टर, जो खपत से अधिक ईंधन उत्पादन करने में सक्षम है, देश की वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग क्षमता को दर्शाता है और कार्यक्रम का तीसरे चरण विशाल थोरियम भंडार का दोहन करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

उन्होंने कहा,“भारत के लिए यह गौरवपूर्ण क्षण है। हमारे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई।”

इस रिएक्टर को इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र (आईजीसीएआर) द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन किया गया है और इसका निर्माण एवं संचालन भारतीय परमाणु विद्युत निगम लिमिटेड (बीएचएवीआईएनआई) द्वारा किया गया है, जो केंद्र सरकार का एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है।

फास्ट ब्रीडर रिएक्टर भारत के तीन-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण घटक हैं। पारंपरिक रिएक्टरों के विपरीत, पीएफआरबी यूरेनियम-प्लूटोनियम मिश्रित ऑक्साइड (एमओएक्स) ईंधन का उपयोग करता है और यूरेनियम-238 को प्लूटोनियम-239 में परिवर्तित करके खपत से अधिक विखंडनीय पदार्थ उत्पन्न कर सकता है।

इस रिएक्टर को अंततः थोरियम-232 का उपयोग करके यूरेनियम-233 का उत्पादन करने के लिए भी डिजाइन किया गया है, जो स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के लिए भारत के विशाल थोरियम भंडार का दोहन करने के दीर्घकालिक लक्ष्य का समर्थन करता है।

अधिकारियों ने कहा कि यह उपलब्धि मौजूदा परमाणु प्रौद्योगिकियों को भविष्य के थोरियम-आधारित रिएक्टरों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, साथ ही ईंधन दक्षता और स्थिरता को भी बढ़ाती है।

–आईएएनएस

एबीएस/

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