पणजी, 1 मई (आईएएनएस)। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर लोक भवन में श्रमिक-केंद्रित कल्याणकारी योजनाओं की एक श्रृंखला का शुभारंभ किया। इन योजनाओं का उद्देश्य राज्य भर में श्रम शक्ति को सशक्त बनाना और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना है।
राजस्व, श्रम और रोजगार मंत्री अतानासियो मोनसेरेट और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में इन योजनाओं का अनावरण किया गया। यह राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार करने और जीवन स्तर में सुधार लाने के प्रयासों का एक नया संकेत है।
अधिकारियों के अनुसार, नई घोषित योजनाओं में श्रमिक कल्याण के कई पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिनमें श्रमिकों को आवश्यक तकनीकी कौशल से लैस करने के लिए डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम, श्रमिकों के बुजुर्ग माता-पिता के लिए चिकित्सा सहायता और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे बच्चों के लिए वित्तीय सहायता शामिल हैं। सरकार ने उच्च शिक्षा के लिए ट्यूशन फीस की प्रतिपूर्ति का प्रावधान भी शुरू किया है, जिससे श्रमिकों के परिवारों को शैक्षणिक अवसरों तक अधिक पहुंच सुनिश्चित हो सके।
इसके अतिरिक्त, श्रमिकों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) के अंतर्गत कवर किया जाएगा, जिससे उन्हें दुर्घटना बीमा लाभ मिलेगा और उनकी वित्तीय सुरक्षा में वृद्धि होगी।
इस अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने अंत्योदय के सिद्धांत के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया, जिसका अर्थ है कि कल्याणकारी उपाय कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति तक पहुंचें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि श्रमिक गोवा की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनका कल्याण राज्य के विकास के दृष्टिकोण का केंद्रबिंदु है।
राज्य की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए सावंत ने बताया कि विभिन्न श्रम कल्याण योजनाओं के तहत 14 लाख से अधिक श्रमिकों का पंजीकरण हो चुका है। उन्होंने अधिक से अधिक श्रमिकों से आगे आकर इन योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया और आश्वासन दिया कि सरकार श्रम सुरक्षा, कल्याण और सामाजिक संरक्षण के तंत्र को मजबूत करना जारी रखेगी।
समारोह के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री ने गोवा के विकास में अमूल्य योगदान देने वाले 20 समर्पित श्रमिकों को श्रम गौरव श्रमिक मित्र पुरस्कार से सम्मानित किया।
सरकार के दीर्घकालिक दृष्टिकोण को दोहराते हुए सावंत ने कहा कि श्रमिकों को सशक्त बनाना ‘विकसित गोवा 2037’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, और समावेशी विकास और सामाजिक सुरक्षा आने वाले वर्षों में नीतिगत पहलों में सर्वोपरि रहेंगे।
–आईएएनएस
एमएस/
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