पुणे, 4 नवंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य राज्य को सिर्फ एक राष्ट्रीय ऑटोमोटिव केंद्र से बदलकर भविष्य की गतिशीलता का वैश्विक केंद्र बनाना है।
‘मेक इन महाराष्ट्र’ से ‘इनोवेट इन महाराष्ट्र’ की ओर बढ़ते हुए राज्य सरकार विनिर्माण के साथ-साथ अनुसंधान, इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी विकास और नवाचारों को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है।
मुख्यमंत्री चाकन में मर्सिडीज-बेंज के अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक जीएलसी वाहन के लॉन्च के अवसर पर बोल रहे थे।
उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ क्षेत्रों में एक विशाल ऑटोमोटिव उद्योग क्लस्टर विकसित हुआ है, जिसमें महाराष्ट्र भारत के कुल मोटर वाहन उत्पादन में 20 प्रतिशत से अधिक का योगदान देता है।
उन्होंने कहा कि राज्य की महत्वाकांक्षा केवल वाहन असेंबली तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी), बैटरी प्रौद्योगिकी, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमोबाइल सॉफ्टवेयर, डिजाइन और अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) में वैश्विक नेतृत्व हासिल करने तक फैली हुई है।
मुख्यमंत्री ने मर्सिडीज-बेंज से आग्रह किया कि वह भारतीय घरेलू बाजार के साथ-साथ एशियाई और वैश्विक बाजारों के लिए भी चाकन से उत्पादन करे, और भविष्य की बैटरी प्रौद्योगिकी, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और गतिशीलता अनुसंधान के लिए महाराष्ट्र को प्राथमिकता दे।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि राज्य की इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत, 2030 तक नए वाहन पंजीकरण में 30 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि राजमार्गों पर फास्ट-चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और समृद्धि महामार्ग के साथ सतत गतिशीलता कॉरिडोर और बैटरी रीसाइक्लिंग पहलों को सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य के वाहन केवल चार पहिया वाहन नहीं होंगे, बल्कि कंप्यूटर, ऊर्जा प्रणाली और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से युक्त एक एकीकृत गतिशीलता मंच होंगे।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र इस परिवर्तन का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
उन्होंने यह भी कहा कि नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, प्रस्तावित पुणे-पुरंदर हवाई अड्डे और वधावन बंदरगाह के माध्यम से वैश्विक बाजारों से कनेक्टिविटी को और बढ़ाया जाएगा।
विशाल बाजार, सशक्त विनिर्माण प्रणाली, कुशल इंजीनियरों और उन्नत प्रौद्योगिकी के बल पर महाराष्ट्र एक प्रमुख निवेश केंद्र के रूप में उभरा है।
उन्होंने कहा कि मात्र 36 घंटों के भीतर लगभग 650 ग्राहकों ने इलेक्ट्रिक जीएलसी वाहन में रुचि दिखाई।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि महाराष्ट्र से वैश्विक स्तर पर विनिर्माण, अनुसंधान और नवाचार को सक्रिय रूप से विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि 3,200 करोड़ रुपए के निवेश से निर्मित मर्सिडीज-बेंज के चाकन संयंत्र ने लगभग 1,200 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान किया है, जबकि आपूर्तिकर्ता नेटवर्क और सेवा क्षेत्रों के माध्यम से लगभग 18,000 व्यक्तियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित किए हैं। इस संयंत्र के विस्तार के दस वर्षों के भीतर अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक जीएलसी का उत्पादन राज्य की औद्योगिक और तकनीकी प्रगति का प्रमाण है।
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कहा कि मर्सिडीज-बेंज ने पिछले तीन दशकों में महाराष्ट्र के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
–आईएएनएस
एमएस/
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