अहमदाबाद : रिश्वतखोरी के मामले में मुख्य अग्निशमन अधिकारी और बिचौलिया के खिलाफ कार्रवाई

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अहमदाबाद, 8 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को अहमदाबाद में छह इमारतों के लिए फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) मंजूर कराने के बदले 36,000 रुपए की कथित रिश्वत लेते हुए एक निजी बिचौलिए को रंगे हाथों पकड़ लिया। जांच के दौरान अहमदाबाद के मुख्य अग्निशमन अधिकारी की कथित संलिप्तता के शुरुआती सबूत मिलने के बाद उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एसीबी के अनुसार, शिकायतकर्ता एक जागरूक नागरिक है, जो फायर सेफ्टी ऑफिसर (एफएसओ) के रूप में काम करता है और अहमदाबाद की विभिन्न इमारतों को अग्नि सुरक्षा संबंधी सेवाएं प्रदान करता…

अहमदाबाद, 8 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को अहमदाबाद में छह इमारतों के लिए फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) मंजूर कराने के बदले 36,000 रुपए की कथित रिश्वत लेते हुए एक निजी बिचौलिए को रंगे हाथों पकड़ लिया। जांच के दौरान अहमदाबाद के मुख्य अग्निशमन अधिकारी की कथित संलिप्तता के शुरुआती सबूत मिलने के बाद उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

एसीबी के अनुसार, शिकायतकर्ता एक जागरूक नागरिक है, जो फायर सेफ्टी ऑफिसर (एफएसओ) के रूप में काम करता है और अहमदाबाद की विभिन्न इमारतों को अग्नि सुरक्षा संबंधी सेवाएं प्रदान करता है। शिकायतकर्ता ने राज्य सरकार के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से छह इमारतों के लिए फायर एनओसी प्राप्त करने के आवेदन जमा किए थे।

एसीबी का आरोप है कि दूसरे आरोपी 31 वर्षीय भावसिंह झाला ने प्रत्येक एनओसी के लिए 6,000 रुपए के हिसाब से कुल 36,000 रुपए की मांग की थी। बदले में उसने आवेदनों को मंजूरी दिलाने का आश्वासन दिया था।

रिश्वत देने के बजाय शिकायतकर्ता ने वडोदरा सिटी एसीबी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर एसीबी ने दो स्वतंत्र सरकारी पंच गवाहों की मौजूदगी में शुक्रवार को जाल बिछाया।

यह कार्रवाई अहमदाबाद के मेमनगर क्षेत्र में विजय क्रॉस रोड स्थित यश एक्वा कॉम्प्लेक्स के पास की गई। ट्रैप के दौरान झाला ने कथित रूप से शिकायतकर्ता से रिश्वत से जुड़ी बातचीत की और 36,000 रुपए स्वीकार किए। इसके बाद एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।

ब्यूरो ने बताया कि प्रारंभिक जांच में 47 वर्षीय अमित कुमार डोंगरे का नाम भी सामने आया है, जो अहमदाबाद के मुख्य अग्निशमन अधिकारी और प्रथम श्रेणी के अधिकारी हैं।

एसीबी के अनुसार, कार्रवाई के दौरान झाला ने डोंगरे से फोन पर बात की थी और इस बातचीत से कथित रूप से रिश्वत की रकम को लेकर अधिकारी की सहमति का संकेत मिला।

एसीबी का कहना है कि जांच में सामने आया है कि झाला ने डोंगरे के कहने पर रिश्वत की मांग की और उसे स्वीकार किया। साथ ही दोनों आरोपियों ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कथित अपराध को अंजाम देने में एक-दूसरे की मदद की।

एसीबी ने कहा, “इस ट्रैप कार्रवाई का नेतृत्व वडोदरा सिटी एसीबी पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक ए.एन. प्रजापति ने किया। यह कार्रवाई वडोदरा एसीबी इकाई के सहायक निदेशक बी.एम. पटेल की निगरानी में हुई। वडोदरा रेंज के उप निदेशक बलदेव देसाई पूरे अभियान के प्रभारी अधिकारी थे। दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।”

–आईएएनएस

एएमटी/एबीएम

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