असम बाढ़: अखिल गोगोई ने राहत कार्यों को लेकर ‘गार्जियन मिनिस्टर’ को हटाने की मांग की

Summary :

गुवाहाटी, 7 अगस्त (आईएएनएस)। रायजोर दल के अध्यक्ष और विधायक अखिल गोगोई ने शुक्रवार को असम के मंत्री बिमल बोराह को शिवसागर के ‘गार्जियन मिनिस्टर’ के पद से हटाने की मांग की। उन्होंने शिवसागर और चराइदेव जिलों में बाढ़ राहत सामग्री बांटने में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और राजनीतिक पक्षपात का आरोप लगाया। यहां पत्रकारों से बात करते हुए गोगोई ने दावा किया कि राहत कार्य में भेदभाव हुआ है। आरोप है कि बाढ़ से प्रभावित कई असली परिवारों को सरकारी मदद नहीं मिली, जबकि कई ऐसे लोगों को राहत मिली जो इसके हकदार नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि…

गुवाहाटी, 7 अगस्त (आईएएनएस)। रायजोर दल के अध्यक्ष और विधायक अखिल गोगोई ने शुक्रवार को असम के मंत्री बिमल बोराह को शिवसागर के ‘गार्जियन मिनिस्टर’ के पद से हटाने की मांग की। उन्होंने शिवसागर और चराइदेव जिलों में बाढ़ राहत सामग्री बांटने में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और राजनीतिक पक्षपात का आरोप लगाया।

यहां पत्रकारों से बात करते हुए गोगोई ने दावा किया कि राहत कार्य में भेदभाव हुआ है। आरोप है कि बाढ़ से प्रभावित कई असली परिवारों को सरकारी मदद नहीं मिली, जबकि कई ऐसे लोगों को राहत मिली जो इसके हकदार नहीं थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि बाढ़ के शुरुआती दिनों में जब स्थानीय लोग संकट से जूझ रहे थे, तब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता वहां मौजूद नहीं थे।

गोगोई के मुताबिक, उस समय रायजोर दल के कार्यकर्ता बचाव और राहत कार्यों में सक्रिय रूप से जुटे हुए थे, जबकि भाजपा के पदाधिकारी राहत कार्यों में तब शामिल हुए जब इन गतिविधियों पर लोगों का ध्यान जाने लगा।

रायजोर दल के नेता ने मंत्री बिमल बोराह पर यह आरोप भी लगाया कि उन्होंने पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया अपनाने के बजाय भाजपाकार्यकर्ताओं और पार्टी से जुड़े वार्ड सदस्यों के जरिए राहत सामग्री बंटवाई।

गोगोई ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के एक वार्ड सदस्य ने बाढ़ पीड़ितों के लिए भेजी गई राहत सामग्री का गलत इस्तेमाल किया।

उन्होंने दावा किया कि स्थानीय लोगों के गड़बड़ी का मामला सामने लाने के बावजूद, आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।

इसके बजाय, उन्होंने आरोप लगाया कि जिस व्यक्ति ने यह मामला उठाया था, उसी को गिरफ्तार कर लिया गया।

राज्य के बाढ़ राहत कार्यक्रम के लागू होने पर सवाल उठाते हुए गोगोई ने आरोप लगाया कि शिवसागर और चराइदेव में लाभार्थियों के चयन में राजनीतिक कारणों का असर रहा।

उन्होंने दावा किया कि कई जरूरतमंद परिवारों को असम सरकार द्वारा बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए घोषित 15,000 रुपए की आर्थिक सहायता नहीं मिली है।

गोगोई ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से आग्रह किया कि वे यह सुनिश्चित करें कि लाभार्थियों की सूची राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ताओं के बजाय निष्पक्ष अधिकारियों द्वारा तैयार की जाए।

–आईएएनएस

एमएस/

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.