निकोसिया, 7 अगस्त (आईएएनएस)। भारत के साइप्रस में उच्चायुक्त मनीष ने शुक्रवार को साइप्रस के माइग्रेशन और इंटरनेशनल प्रोटेक्शन के डिप्टी मिनिस्टर निकोलस ए. आयोनाइड्स से मुलाकात की और इंडिया-साइप्रस माइग्रेशन और मोबिलिटी एग्रीमेंट को अंतिम रूप देने की दिशा में हो रही प्रगति पर चर्चा की।
साइप्रस में भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “उच्चायुक्त मनीष ने प्रवासन और अंतरराष्ट्रीय संरक्षण उप मंत्रालय के उप मंत्री निकोलस ए. आयोनाइड्स और स्थायी सचिव चारालाम्बोस रूसोस से मुलाकात की।”
उच्चायुक्त ने साइप्रस की अर्थव्यवस्था और समाज में भारतीय पेशेवरों और कामगारों के महत्वपूर्ण योगदान का जिक्र किया। उन्होंने भारतीयों के कल्याण, उनके साथ निष्पक्ष व्यवहार और उनकी भलाई के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कुछ भारतीय कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं को भी उठाया और भारत-साइप्रस के बीच सुरक्षित, कानूनी और कौशल आधारित आवाजाही को मजबूत बनाने पर चर्चा की।
दोनों पक्षों ने इस समझौते को तय समय सीमा के भीतर अंतिम रूप देने के लिए तेजी से आगे बढ़ने पर बात की। यह वही लक्ष्य है जिस पर दोनों देशों के नेताओं ने मई 2026 में साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडिस की भारत यात्रा के दौरान सहमति जताई थी।
दोनों पक्षों ने इस बात पर जोर दिया कि लोगों की आवाजाही के लिए एक स्पष्ट, कानूनी और भरोसेमंद व्यवस्था होना जरूरी है। आयोनाइड्स ने आश्वासन दिया कि उनका मंत्रालय साइप्रस में काम कर रहे भारतीय कर्मचारियों की चिंताओं को दूर करने के लिए आगे भी सहयोग करता रहेगा।
डिप्टी मिनिस्टर ने ‘नमस्ते साइप्रस 2026’ कार्यक्रम के निमंत्रण के लिए उच्चायुक्त का धन्यवाद भी किया और इसमें शामिल होने की पुष्टि की।
उच्चायोग ने कहा, “यह बैठक भारत और साइप्रस की उस साझा प्रतिबद्धता को दिखाती है, जिसके तहत दोनों देश अपनी साझेदारी को और मजबूत करना चाहते हैं और लोगों के बीच आपसी संबंधों को बढ़ावा देना चाहते हैं।”
–आईएएनएस
एवाई/एबीएम
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