गांधीनगर, 3 नवंबर (आईएएनएस)। गुजरात सरकार ने सरकारी और अनुदान प्राप्त (ग्रांट-इन-एड) औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में काम करने वाले विजिटिंग सुपरवाइजरी इंस्ट्रक्टरों का मानदेय दोगुना कर दिया है। इसके तहत अधिकतम मासिक भुगतान 14,040 रुपए से बढ़ाकर 28,080 रुपए कर दिया गया है।
श्रम, कौशल विकास और रोजगार विभाग द्वारा मंगलवार को जारी एक प्रस्ताव के माध्यम से घोषित संशोधित दरों का उद्देश्य राज्य भर में छात्रों को व्यावसायिक और कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रदान करने वाले प्रशिक्षकों के वित्तीय पारिश्रमिक में सुधार करना है।
संशोधित ढांचे के तहत विजिटिंग सुपरवाइजरी इंस्ट्रक्टरों के लिए प्रति घंटा मानदेय 90 रुपए से बढ़ाकर 180 रुपए कर दिया गया है। दैनिक अधिकतम भुगतान भी दोगुना करके 540 रुपए से 1,080 रुपए कर दिया गया है, जबकि मासिक सीमा को 14,040 रुपए से बढ़ाकर 28,080 रुपए कर दिया गया है।
ये संशोधित दरें सरकारी प्रस्ताव जारी होने की तारीख से लागू हो गई हैं। यह निर्णय मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की देखरेख में लिया गया है, जिसमें श्रम, कौशल विकास और रोजगार मंत्री कुंवरजी बावलिया और राज्य मंत्री कांति अमृटिया संबंधित विभाग की निगरानी कर रहे हैं।
गुजरात भर के सरकारी और अनुदान प्राप्त आईटीआई में विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण देने के लिए विजिटिंग सुपरवाइजरी इंस्ट्रक्टरों को नियुक्त किया जाता है। इनकी जिम्मेदारियों में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में नामांकित छात्रों को सैद्धांतिक ज्ञान, व्यावहारिक कौशल और उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण प्रदान करना शामिल है।
राज्य सरकार के मुताबिक, इस बढ़ोतरी से योग्य इंस्ट्रक्टरों के लिए यहां काम करना अधिक आकर्षक बनेगा और अधिक पेशेवर लोग आईटीआई में अपनी सेवाएं देने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
राज्य सरकार ने इस बदलाव को प्रशिक्षण गतिविधियों में निरंतरता बनाए रखने और छात्रों की शैक्षणिक व व्यावहारिक समय-सारणी में किसी भी तरह की रुकावट को रोकने से भी जोड़ा है।
विभाग का यह निर्णय राज्य की व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रणाली में विजिटिंग इंस्ट्रक्टरों की भूमिका को मान्यता देता है, विशेष रूप से आईटीआई छात्रों को ट्रेड-विशिष्ट निर्देश और व्यावहारिक प्रशिक्षण देने में उनके योगदान को देखते हुए।
राज्य सरकार ने प्रति घंटा दर के साथ-साथ दैनिक और मासिक भुगतान की सीमा को दोगुना कर दिया है। इसका उद्देश्य प्रशिक्षकों को बेहतर वित्तीय प्रोत्साहन देना और सरकारी तथा अनुदान प्राप्त संस्थानों में शिक्षण संसाधनों की उपलब्धता को मजबूत करना है।
विभाग के प्रस्ताव के मुताबिक, यह संशोधित मानदेय ढांचा गुजरात भर के आईटीआई में कार्यरत विजिटिंग सुपरवाइजरी प्रशिक्षकों पर लागू होगा।
–आईएएनएस
एएसएच/डीकेपी
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