एनसीपी नेता रूपाली चाकणकर ने कहा, “मुझे इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि मैं एक महिला हूं।”

Summary :

मुंबई, 20 मार्च (आईएएनएस)। खुद को आध्यात्मिक गुरु बताने वाले अशोक खरात से जुड़े विवाद के बीच, महाराष्ट्र एनसीपी की महिला विंग की प्रमुख रूपाली चाकणकर ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें खास तौर पर इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वह एक महिला हैं। महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए चाकणकर ने कहा, “मेरा पूरा परिवार वारकरी परंपरा को मानता है, इसीलिए हम खरात के ट्रस्ट से जुड़े हुए थे। हालांकि, मुझे उनके दूसरे पहलू के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। कोई यह कैसे जान सकता…

मुंबई, 20 मार्च (आईएएनएस)। खुद को आध्यात्मिक गुरु बताने वाले अशोक खरात से जुड़े विवाद के बीच, महाराष्ट्र एनसीपी की महिला विंग की प्रमुख रूपाली चाकणकर ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें खास तौर पर इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वह एक महिला हैं।

महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए चाकणकर ने कहा, “मेरा पूरा परिवार वारकरी परंपरा को मानता है, इसीलिए हम खरात के ट्रस्ट से जुड़े हुए थे। हालांकि, मुझे उनके दूसरे पहलू के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। कोई यह कैसे जान सकता है कि भविष्य में कोई व्यक्ति क्या करेगा या कैसे व्यवहार करेगा? कई लोगों की खरात के साथ तस्वीरें हैं, लेकिन मुझे इस बात से दुख होता है कि मुझे खास तौर पर निशाना बनाया जा रहा है और मुझ पर आरोप लगाए जा रहे हैं, सिर्फ इसलिए क्योंकि मैं एक महिला हूं।”

उन्होंने साफ किया कि अशोक खरात के ट्रस्ट के साथ उनका जुड़ाव उनके परिवार के वारकरी परंपरा से लंबे समय से चले आ रहे संबंध की वजह से था।

उन्होंने माना कि वह खरात और उनकी पत्नी को अपना आध्यात्मिक गुरु मानती थीं, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि जो वीडियो अभी वायरल हो रहे हैं, वे लगभग छह साल पुराने हैं।

संयोग से, उत्तरी महाराष्ट्र के नासिक के रहने वाले स्व-घोषित बाबा अशोक खरात को यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म के आरोपों में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

चाकणकर ने पूछा, “पद्य-पूजन का वीडियो पांच से छह साल पुराना है। मेरे पति और मैं आध्यात्मिक आस्था की वजह से ट्रस्ट के कार्यक्रमों में शामिल होते थे। उस समय, हमें उनके निजी आचरण या भविष्य में उनके द्वारा किए जाने वाले किसी भी गलत काम के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। कोई यह कैसे अंदाजा लगा सकता है कि कोई व्यक्ति सालों बाद कैसा व्यवहार करेगा?”

उन्होंने यह भी बताया कि खरात के ट्रस्ट में डायरेक्टर के तौर पर उनका आधिकारिक कार्यकाल 8 अगस्त, 2025 को ही खत्म हो चुका था।

अपनी ईमानदारी का बचाव करते हुए चाकणकर ने कहा कि उन्होंने खरात के खिलाफ लगे आरोपों की पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए अपने पद से हटने का फैसला किया।

उन्होंने पुष्टि की कि उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

–आईएएनएस

एमएस/

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.