हिमाचल प्रदेश के बजट में पहली बार 3,586 करोड़ रुपए की कटौती, कुल परिव्यय 54,928 करोड़ रुपए रहा

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शिमला, 21 मार्च (आईएएनएस)। राज्य के इतिहास में पहली बार हिमाचल प्रदेश ने अपने बजट में 3,586 करोड़ रुपए की कटौती की है। इसके तहत वित्त वर्ष 58,514 करोड़ रुपए से घटकर 2026-27 के लिए 54,928 करोड़ रुपए का बजट रह गया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने बजट भाषण में सरकार के निर्णय को उचित ठहराते हुए कहा कि बजट में कटौती का निर्णय पिछली भाजपा सरकार द्वारा छोड़े गए बढ़ते कर्ज के जाल से निपटने के लिए लिया गया है। उन्होंने कहा कि लोकलुभावन उपायों का समय समाप्त हो गया है, क्योंकि अनुत्पादक व्यय में कटौती करना आवश्यक…

शिमला, 21 मार्च (आईएएनएस)। राज्य के इतिहास में पहली बार हिमाचल प्रदेश ने अपने बजट में 3,586 करोड़ रुपए की कटौती की है। इसके तहत वित्त वर्ष 58,514 करोड़ रुपए से घटकर 2026-27 के लिए 54,928 करोड़ रुपए का बजट रह गया।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने बजट भाषण में सरकार के निर्णय को उचित ठहराते हुए कहा कि बजट में कटौती का निर्णय पिछली भाजपा सरकार द्वारा छोड़े गए बढ़ते कर्ज के जाल से निपटने के लिए लिया गया है। उन्होंने कहा कि लोकलुभावन उपायों का समय समाप्त हो गया है, क्योंकि अनुत्पादक व्यय में कटौती करना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि पहाड़ी इलाकों के लोग मजबूत और जुझारू होते हैं और वे वित्तीय संकट का बहादुरी से सामना करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि 1952 के बाद यह पहली बार है कि केंद्र द्वारा राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) के बिना बजट पेश किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे गरीब लोगों की पहचान करके उनके उत्थान का कार्य किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा, “राज्य की बीपीएल लिस्ट में विशेष रूप से सबसे गरीब परिवारों के नाम शामिल किए जाएंगे। वर्तमान में राज्य में 26.5 लाख बीपीएल परिवार हैं, और अब सरकार उनके उत्थान के लिए सबसे गरीब लोगों की पहचान कर रही है। मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार योजना के तहत एक लाख वंचित सबसे गरीब परिवारों की सहायता की जाएगी।”

उन्होंने कहा, “इन परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली मिलेगी। इनमें से लगभग 27,000 परिवार जिनके पास पक्के मकान नहीं हैं, उन्हें मकान बनाने में मदद की जाएगी और गारंटी के तहत इन परिवारों की सभी महिलाओं को 1,500 रुपए दिए जाएंगे।”

जब मुख्यमंत्री ने कहा कि आरडीजी पर राज्य का समर्थन न करने वालों ने हिमाचल के हितों के साथ विश्वासघात किया है, तो विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा विधायक सदन के वेल में पहुंच गए। 20 मिनट के हंगामे के बाद सीएम ने फिर से अपना भाषण शुरू किया।

सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपना चौथा बजट पेश करते हुए कहा, “हिमाचल प्रदेश राज्य को दी जाने वाली आरडीजी (अनुसंधान, विकास और विकास) योजनाओं का अनुदान रोकना राज्य की जनता के साथ अन्याय है।” मत्स्य पालन क्षेत्र में सीएम ने मुख्यमंत्री मछली सहायता योजना के तहत मछली खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 100 रुपए प्रति किलोग्राम घोषित किया।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने आगे कहा कि हिमाचल प्रदेश आस्था और धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र है। यहां श्रीनैना देवी, श्रीचिंतपूर्णी जी, श्रीबाबा बालक नाथ जी, श्रीज्वाला देवी जी और श्रीब्रजेश्वरी देवी जी जैसे विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ स्थित हैं। इसके अलावा किन्नर कैलाश, श्रीखंड कैलाश जैसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल भी प्रदेश में मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के कोने-कोने में आस्था के केंद्र स्थित हैं और हर साल लाखों श्रद्धालु यहां आकर हिमाचल के शांत, स्वच्छ और सुंदर वातावरण में आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त करते हैं। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश के सभी प्रमुख मंदिरों को चरणबद्ध तरीके से विश्व स्तरीय धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। पहले चरण में बड़े मंदिरों के लिए विशेषज्ञों की मदद से परियोजनाएं तैयार की जाएंगी, जिन पर लगभग 500 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए मंदिरों में 65 करोड़ रुपए खर्च करने की घोषणा भी की गई है।

–आईएएनएस

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