नई दिल्ली, 1 नवंबर (आईएएनएस)। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने रविवार को कहा कि वैश्विक हीरा (डायमंड) मूल्य शृंखला में भारत और बेल्जियम की साझेदारी बेहद महत्वपूर्ण है और दोनों देशों के बीच इस क्षेत्र में दशकों से मजबूत व्यावसायिक संबंध बने हुए हैं। उन्होंने यह बात ब्रुसेल्स स्थित भारतीय दूतावास में हीरा उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ हुई एक बैठक के दौरान कही।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, अग्रवाल ने कहा कि भारत और बेल्जियम लंबे समय से वैश्विक डायमंड वैल्यू चेन के महत्वपूर्ण साझेदार रहे हैं। भारत जहां हीरों की कटिंग और पॉलिशिंग के क्षेत्र में दुनिया का प्रमुख केंद्र है, वहीं बेल्जियम की पहचान मूल्यवान रत्नों और हीरों के वैश्विक व्यापारिक केंद्र के रूप में है।
बैठक में उद्योग प्रतिनिधियों ने वैश्विक व्यापार रुझानों, प्रमुख बाजारों में मांग की स्थिति, कारोबारी संभावनाओं और भविष्य की चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए। चर्चा का मुख्य उद्देश्य उद्योग के साथ संवाद को मजबूत करना और बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच व्यापारिक संभावनाओं को बेहतर तरीके से समझना था।
वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि बातचीत के दौरान वैश्विक हीरा व्यापार, उभरते बाजार रुझानों और भारत-बेल्जियम के बीच लंबे समय से चले आ रहे व्यावसायिक संबंधों पर विशेष जोर दिया गया।
इससे पहले, वाणिज्य मंत्रालय ने बताया कि राजेश अग्रवाल ने बीते 30 अक्टूबर को उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ वैश्विक डायमंड बाजार की मौजूदा स्थिति, बदलती मांग, उभरते रुझानों तथा व्यापार के सामने मौजूद अवसरों और चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने उद्योग से जुड़े हितधारकों से फीडबैक भी प्राप्त किया।
इस बीच, हाल ही में भारत, बेल्जियम और लक्जमबर्ग ने भी आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई है। भारत-बेल्जियम-लक्जमबर्ग आर्थिक संघ (बीएलईयू) संयुक्त आर्थिक आयोग के 19वें सत्र में एयरोस्पेस, अनुसंधान, नवाचार और उच्च शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा हुई थी।
बैठक में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों की समीक्षा की और आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाई देने के लिए लॉजिस्टिक्स, हवाई संपर्क, बंदरगाह विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वच्छ प्रौद्योगिकी, वित्तीय सेवाएं, फिनटेक, डिजिटल परिवर्तन, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवाएं, आयुर्वेद तथा कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया।
–आईएएनएस
डीबीपी
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