नई दिल्ली, 20 मार्च (आईएएनएस)। भारत के आठ प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर (कोर सेक्टर) का संयुक्त इंडेक्स फरवरी महीने में सालाना आधार पर 2.3 प्रतिशत बढ़ा है।
शुक्रवार को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, फरवरी के दौरान सीमेंट, स्टील, उर्वरक, कोयला और बिजली उत्पादन में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई।
स्टील उत्पादन में पिछले साल की तुलना में 7.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि सीमेंट सेक्टर में 9.3 प्रतिशत की मजबूत ग्रोथ देखने को मिली। इसकी वजह बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में सरकार के बढ़ते निवेश को माना जा रहा है, जिससे इन उत्पादों की मांग बढ़ी है।
कोयला उत्पादन में भी 2.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि बिजली उत्पादन 0.5 प्रतिशत बढ़ा।
उर्वरक उत्पादन में 3.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिसका कारण रबी फसलों की बुवाई में बढ़ोतरी और कृषि क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन से किसानों की आय में सुधार बताया गया है।
हालांकि, कच्चे तेल (क्रूड ऑयल), प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पादन में गिरावट देखी गई। कच्चे तेल के उत्पादन में कमी का कारण ओएनजीसी और ऑयल इंडिया के पुराने तेल क्षेत्रों का परिपक्व होना बताया गया है। वहीं, रिफाइनरी उत्पादन बाजार में मांग और उपलब्ध स्टॉक पर निर्भर करता है।
जनवरी 2026 के लिए आठ कोर उद्योगों की अंतिम ग्रोथ दर 4.7 प्रतिशत रही थी। वहीं, अप्रैल से फरवरी 2025-26 के दौरान कुल वृद्धि दर पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले 2.9 प्रतिशत रही।
आठ कोर उद्योगों के इस इंडेक्स में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, स्टील, सीमेंट और बिजली शामिल हैं। इनका औद्योगिक उत्पादन सूचकांक यानी इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (आईआईपी) में करीब 40.27 प्रतिशत हिस्सा होता है और ये देश की अर्थव्यवस्था में समग्र औद्योगिक वृद्धि के अहम संकेतक माने जाते हैं।
–आईएएनएस
डीबीपी
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