नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। सरकार ने शनिवार को बताया कि देश का समुद्री क्षेत्र पूरी तरह सामान्य रूप से काम कर रहा है और किसी भी बंदरगाह पर भीड़भाड़ की कोई खबर नहीं है। सरकार राज्य समुद्री बोर्ड और अन्य संबंधित पक्षों के साथ लगातार संपर्क में है, ताकि नाविकों की सुरक्षा और समुद्री व्यापार सुचारू रूप से चलता रहे।
होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय संचालन और नाविकों की सुरक्षा पर लगातार नजर बनाए हुए है।
मंत्रालय के अनुसार, इस क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं, और पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय झंडे वाले जहाज से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है।
फिलहाल पश्चिमी फारस की खाड़ी क्षेत्र में 22 भारतीय जहाज मौजूद हैं, जिन पर 611 भारतीय नाविक काम कर रहे हैं। नौवहन महानिदेशालय (डीजी) जहाज मालिकों, एजेंसियों और भारतीय मिशनों के साथ मिलकर हालात की निगरानी कर रहा है।
हालांकि, एक घटना में बीते 18 मार्च 2026 को एक भारतीय नाविक (पनामा ध्वज वाले जहाज एएसपी अवाना के मास्टर) का निधन हो गया। इस मामले में डीजी शिपिंग यूएई में भारतीय मिशन के साथ मिलकर परिवार को हर संभव मदद दे रहा है।
डीजी शिपिंग का कंट्रोल रूम 24 घंटे काम कर रहा है और अब तक 3,670 कॉल और 6,929 ईमेल संभाल चुका है। पिछले 24 घंटों में ही 120 कॉल और 181 ईमेल आए हैं।
अब तक 534 से ज्यादा भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस भारत लाया जा चुका है, जिनमें पिछले 24 घंटों में लौटे 21 नाविक भी शामिल हैं।
दूसरी ओर, विदेश मंत्रालय भी खाड़ी और पश्चिम एशिया के हालात पर लगातार नजर रखे हुए है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है। 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम सक्रिय है और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के साथ समन्वय जारी है।
28 फरवरी से अब तक करीब 3.3 लाख यात्री इस क्षेत्र से भारत लौट चुके हैं।
इसके अलावा, इराक से ‘एमटी सेफसी विष्णु’ जहाज के 15 भारतीय क्रू मेंबर भी सुरक्षित भारत वापस आ चुके हैं।
हवाई सेवाओं की बात करें तो यूएई से शनिवार को करीब 90 उड़ानें (संभावित रूप से) संचालित हुईं। सऊदी अरब और ओमान से भी उड़ानें जारी हैं, जबकि कतर ने अपना एयरस्पेस आंशिक रूप से खोलते हुए 8 से 10 विशेष उड़ानें शुरू की हैं।
–आईएएनएस
डीबीपी
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



