अनुच्छेद-370 हटने के सात साल : जम्मू-कश्मीर में बुनियादी ढांचे, निवेश, पर्यटन के क्षेत्र में जबरदस्त बदलाव

Summary :

नई दिल्ली, 5 अगस्त (आईएएनएस)। अनुच्छेद 370 हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर ने बुनियादी ढांचे, निवेश, पर्यटन के मामले में जबरदस्त बदलाव का अनुभव किया है और विकास के पैमानों पर भी नई ऊंचाइयां हासिल की हैं। परिवर्तन की यह कहानी काल्पनिक नहीं, बल्कि ठोस और सुस्थापित है, जिसमें विभिन्न आंकड़े और सांख्यिकी उत्थान के पैमाने को दर्शाते हैं। आज यह क्षेत्र प्रमुख सड़कों, राजमार्गों और रेलवे के माध्यम से मुख्य भूमि से जुड़ा हुआ है, डिजिटल उपस्थिति और पर्यटन क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, जबकि स्थानीय निवासियों को केंद्र सरकार द्वारा संचालित कई कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा…

नई दिल्ली, 5 अगस्त (आईएएनएस)। अनुच्छेद 370 हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर ने बुनियादी ढांचे, निवेश, पर्यटन के मामले में जबरदस्त बदलाव का अनुभव किया है और विकास के पैमानों पर भी नई ऊंचाइयां हासिल की हैं।

परिवर्तन की यह कहानी काल्पनिक नहीं, बल्कि ठोस और सुस्थापित है, जिसमें विभिन्न आंकड़े और सांख्यिकी उत्थान के पैमाने को दर्शाते हैं। आज यह क्षेत्र प्रमुख सड़कों, राजमार्गों और रेलवे के माध्यम से मुख्य भूमि से जुड़ा हुआ है, डिजिटल उपस्थिति और पर्यटन क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, जबकि स्थानीय निवासियों को केंद्र सरकार द्वारा संचालित कई कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है।

जम्मू-कश्मीर की विस्तृत विकास गति, जिसे समाचार पोर्टल ‘डेली मिरर ऑनलाइन’ की रिपोर्ट में उपयुक्त रूप से स्पष्ट किया गया है, बुनियादी ढांचे, शिक्षा, डिजिटल पहुंच और विकास के अन्य क्षेत्रों में व्यापक विस्तार को दर्शाती है।

समाचार पोर्टल ने आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 2019 के बाद सड़कों और पुलों के निर्माण में तेजी से वृद्धि हुई है और तब से 4,550 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की 1,057 सड़क और पुल परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

इसमें आगे कहा गया है कि 290 पुलों का निर्माण पूरा हो चुका है और 338 पुलों का निर्माण कार्य जारी है, जबकि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) कार्यक्रमों के तहत 21,400 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण किया गया है, जो हजारों ग्रामीण बस्तियों को जोड़ती हैं।

बता दें कि 272 किलोमीटर लंबा उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक 2025 में पूरा हुआ, जिससे केंद्र शासित प्रदेश में यात्रियों और माल ढुलाई के लिए एक सर्वकालिक रेल गलियारा तैयार हो गया। अप्रैल 2026 में जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत सेवा ने सीधी परिचालन शुरू की, जिससे यात्रा का समय घटकर पांच घंटे से भी कम हो गया।

डेली मिरर ऑनलाइन के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या 2020 में 25.19 लाख से बढ़कर 2024 में 2.35 करोड़ हो गई, जबकि विदेशी पर्यटकों की संख्या 2020 में 5,317 से बढ़कर 2024 में 65,452 हो गई।

इसमें कहा गया है, “2019 से व्यापक प्रवृत्ति नाटकीय रूप से सुधार की रही है, जिसमें लाखों और आगंतुकों ने होटलों, परिवहन सेवाओं, स्थानीय हस्तशिल्प और मार्गदर्शक सेवाओं को पुनर्जीवित करने में मदद की है।”

2019 के बाद सात नए सरकारी मेडिकल कॉलेज खुले, साथ ही लगभग 800 अतिरिक्त एमबीबीएस सीटें भी उपलब्ध हुईं, जिससे केंद्र शासित प्रदेश की कुल क्षमता बढ़कर 1,300 हो गई।

जम्मू में स्थित एम्स का संचालन शुरू हो गया है, जबकि कश्मीर में स्थित एम्स कार्यान्वयन की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

आर्थिक दृष्टिकोण पर अपने निष्कर्षों को साझा करते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024-25 के आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, दिसंबर 2024 तक जम्मू-कश्मीर के निवेश प्रस्ताव 1.63 लाख करोड़ रुपए के होंगे, जिनमें 5.90 लाख से अधिक नौकरियां सृजित करने की क्षमता है।

इसमें यह भी उल्लेख किया गया है कि 9,606.46 करोड़ रुपए के निवेश से 1,984 औद्योगिक इकाइयां 2019 से उत्पादन में आई हैं और इनसे 63,710 नौकरियां सृजित हुई हैं।

नए चिकित्सा और राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों के अलावा, जम्मू-कश्मीर में व्यावसायिक शिक्षा क्षमता और संस्थागत उपस्थिति का व्यापक विस्तार देखा गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है, “सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अनुच्छेद 370 के बाद जम्मू-कश्मीर में विकास को संरचनात्मक एकीकरण की प्रक्रिया के रूप में समझा जाना चाहिए। यह क्षेत्र अब केवल अलगाव, सुरक्षा संबंधी व्यवधानों और प्रशासनिक विशिष्टता से परिभाषित नहीं होता है।”

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि केंद्र शासित प्रदेश में आज बेहतर सड़क और रेल संपर्क है, साथ ही घाटी में परिवर्तनकारी बदलाव लाने के लिए कई निवेश परियोजनाएं और पर्यटन स्थल मौजूद हैं, जो इस तथ्य को रेखांकित करते हैं कि सकारात्मक विकासात्मक बदलाव वास्तविक है और आधिकारिक आंकड़ों और ठोस परिणामों में मापने योग्य है।

इसमें कहा गया है, “व्यापक राष्ट्रीय संदर्भ में जम्मू-कश्मीर आज हाल के दशकों में किसी भी समय की तुलना में भारत की आर्थिक और संस्थागत मुख्यधारा से अधिक निकटता से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है।”

–आईएएनएस

एसएचके/डीकेपी

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.