नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसदों ने राष्ट्रपति से की मुलाकात, जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग

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श्रीनगर, 13 मार्च (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर की सत्ताधारी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के राज्यसभा सदस्यों ने शुक्रवार को नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की और जम्मू-कश्मीर से जुड़े मुद्दों पर एक मेमोरेंडम सौंपा। नेशनल कॉन्फ्रेंस के बयान के अनुसार, राज्यसभा सदस्य चौधरी रमजान, सज्जाद अहमद किचलू और शम्मी ओबेरॉय ने राष्ट्रपति से मुलाकात की और जम्मू-कश्मीर से जुड़े तात्कालिक मुद्दों को उठाया। सांसदों ने जम्मू-कश्मीर को जल्द से जल्द पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग दोहराई। उन्होंने स्थानीय लोगों के भूमि और नौकरी के अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दिया और युवाओं में बढ़ती…

श्रीनगर, 13 मार्च (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर की सत्ताधारी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के राज्यसभा सदस्यों ने शुक्रवार को नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की और जम्मू-कश्मीर से जुड़े मुद्दों पर एक मेमोरेंडम सौंपा।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के बयान के अनुसार, राज्यसभा सदस्य चौधरी रमजान, सज्जाद अहमद किचलू और शम्मी ओबेरॉय ने राष्ट्रपति से मुलाकात की और जम्मू-कश्मीर से जुड़े तात्कालिक मुद्दों को उठाया। सांसदों ने जम्मू-कश्मीर को जल्द से जल्द पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग दोहराई।

उन्होंने स्थानीय लोगों के भूमि और नौकरी के अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दिया और युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी को देखते हुए व्यापक आर्थिक और रोजगार पैकेज की जरूरत बताई।

सांसदों ने यह भी मांग की कि वर्तमान में एनएचपीसी लिमिटेड द्वारा संचालित प्रमुख जल विद्युत परियोजनाओं को जम्मू-कश्मीर को लौटाया जाए, ताकि क्षेत्र को अपने प्राकृतिक संसाधनों का उचित लाभ मिल सके।

इसके अलावा, उन्होंने पर्यावरणीय चुनौतियों जैसे जलवायु परिवर्तन और कोलाहोई ग्लेशियर के तेजी से पिघलने का प्रभाव और हिमालयी पारिस्थितिकी की सुरक्षा के लिए वैज्ञानिक और नीतिगत कदम उठाने की आवश्यकता बताई।

पिछले साल अक्टूबर में जम्मू-कश्मीर से राज्यसभा के चार सदस्य चुने गए थे। इन चार में से तीन एनसी के हैं और चौथी सीट भाजपा के सत शर्मा ने जीती।

ये चारों सीटें फरवरी 2021 से खाली थीं, क्योंकि जम्मू-कश्मीर में असेंबली नहीं थी। अक्टूबर 2024 में चुनाव हुए, जो जून 2017 में राष्ट्रपति शासन के बाद पहली बार हुए थे।

–आईएएनएस

एएमटी/वीसी

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