जयपुर में संयुक्त कमांडर्स के सम्मेलन का अयोजन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह होंगे शामिल

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जयपुर, 7 मई (आईएएनएस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार से जयपुर में शुरू हो रहे संयुक्त कमांडर्स सम्मेलन के दूसरे संस्करण में शामिल होंगे। इस सम्मेलन का विषय नए क्षेत्रों में सैन्य क्षमता रखा गया है। इस उच्चस्तरीय सम्मेलन में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान भी शामिल होंगे। यह सम्मेलन ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के मौके पर आयोजित हो रहा है। यह ऑपरेशन भारत की राजनीतिक इच्छाशक्ति और सैन्य सटीकता का प्रतीक माना जाता है। यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है, जब आधुनिक युद्ध तेजी से तकनीक आधारित हो रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मानव रहित प्रणालियों…

जयपुर, 7 मई (आईएएनएस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार से जयपुर में शुरू हो रहे संयुक्त कमांडर्स सम्मेलन के दूसरे संस्करण में शामिल होंगे। इस सम्मेलन का विषय नए क्षेत्रों में सैन्य क्षमता रखा गया है।

इस उच्चस्तरीय सम्मेलन में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान भी शामिल होंगे। यह सम्मेलन ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के मौके पर आयोजित हो रहा है। यह ऑपरेशन भारत की राजनीतिक इच्छाशक्ति और सैन्य सटीकता का प्रतीक माना जाता है।

यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है, जब आधुनिक युद्ध तेजी से तकनीक आधारित हो रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मानव रहित प्रणालियों और पारंपरिक युद्धक्षेत्र से बाहर उभरते खतरों की बढ़ती भूमिका को देखते हुए भारतीय सेनाएं साइबर, अंतरिक्ष और संज्ञानात्मक युद्ध जैसी चुनौतियों की तैयारी पर जोर दे रही हैं।

अधिकारियों के अनुसार, यह सम्मेलन उभरते खतरों की समीक्षा करने और भविष्य के लिए मजबूत तथा आधुनिक सैन्य क्षमता तैयार करने की रणनीति तय करने का अहम मंच बनेगा।

सम्मेलन में आत्मनिर्भर भारत पहल को मजबूत करने, रक्षा क्षेत्र में नवाचार बढ़ाने और घरेलू रक्षा तंत्र में नागरिक-सैन्य सहयोग को बढ़ावा देने पर भी खास फोकस रहेगा।

इस कार्यक्रम में सशस्त्र बलों द्वारा विकसित उन्नत तकनीकों और भविष्य की सैन्य प्रणालियों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। साथ ही अगली पीढ़ी के युद्ध और सैन्य रणनीतियों से जुड़े नए सिद्धांत पेश किए जाने की संभावना है।

यह कार्यक्रम बदलती वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के बीच भारत की रक्षा क्षमताओं को आधुनिक बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 7 मई 2025 को भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के संयुक्त अभियान के रूप में हुई थी। इस अभियान के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था।

सीमावर्ती राज्य होने के कारण राजस्थान ने इस ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई थी, इसलिए इसकी पहली वर्षगांठ के आयोजन के लिए जयपुर को उपयुक्त स्थान माना गया है। ऑपरेशन सिंदूर हाल के वर्षों में सीमा पार आतंकी ढांचे के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाइयों में से एक था।

इस अभियान में सेना, वायुसेना और नौसेना ने मिलकर पाकिस्तान और पीओके में आतंकी शिविरों पर सटीक हमले किए थे। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस मिशन ने तीनों सेनाओं के बीच बढ़ते तालमेल और संयुक्त रणनीति को दिखाया।

उस समय इस ऑपरेशन को लेकर राजनीतिक और कूटनीतिक स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं।

अब इसकी पहली वर्षगांठ पर ऑपरेशन सिंदूर भारत की सुरक्षा रणनीति और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई पर चर्चा का अहम विषय बना हुआ है।

–आईएएनएस

एएमटी/वीसी

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