कर्नाटक विधान परिषद क्रॉस वोटिंग मामला: भाजपा जांच समिति ने प्रदेश अध्यक्ष को सौंपी रिपोर्ट

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बेंगलुरु, 27 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में कथित क्रॉस वोटिंग के मामले में गठित भाजपा की तीन सदस्यीय जांच समिति ने शनिवार को अपनी रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र को सौंप दी। हाल ही में हुए विधान परिषद चुनाव में भाजपा विधायकों द्वारा कथित तौर पर कांग्रेस के पक्ष में क्रॉस वोटिंग किए जाने के आरोपों के बाद पार्टी ने आंतरिक जांच के लिए समिति गठित की थी। बेंगलुरु स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में रिपोर्ट सौंपने के बाद पूर्व भाजपा राष्ट्रीय महासचिव और विधान परिषद सदस्य सी.टी. रवि ने पत्रकारों से कहा कि प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर…

बेंगलुरु, 27 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में कथित क्रॉस वोटिंग के मामले में गठित भाजपा की तीन सदस्यीय जांच समिति ने शनिवार को अपनी रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र को सौंप दी।

हाल ही में हुए विधान परिषद चुनाव में भाजपा विधायकों द्वारा कथित तौर पर कांग्रेस के पक्ष में क्रॉस वोटिंग किए जाने के आरोपों के बाद पार्टी ने आंतरिक जांच के लिए समिति गठित की थी।

बेंगलुरु स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में रिपोर्ट सौंपने के बाद पूर्व भाजपा राष्ट्रीय महासचिव और विधान परिषद सदस्य सी.टी. रवि ने पत्रकारों से कहा कि प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर गठित समिति में उनके अलावा प्रदेश उपाध्यक्ष एन. महेश और विधायक महेश तेंगिनकाई शामिल थे।

उन्होंने कहा, “हमें मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया था। हमने चार दिनों के भीतर जांच पूरी की। समिति के तीनों सदस्यों ने सर्वसम्मति से रिपोर्ट तैयार की, जिसे अब प्रदेश अध्यक्ष को सौंप दिया गया है।”

सी.टी. रवि ने बताया कि जांच के दौरान समिति ने मीडिया रिपोर्टों और सार्वजनिक बयानों के आधार पर संदिग्ध लोगों की पहचान की। इसके बाद कई नेताओं से व्यक्तिगत बातचीत की गई।

उन्होंने कहा कि समिति ने भाजपा उम्मीदवारों से चर्चा की, जद (एस) नेताओं से राय ली, मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत की और उनके माध्यम से उपलब्ध सूचनाओं का सत्यापन किया। साथ ही पार्टी के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष से भी परामर्श किया गया। स्थानीय परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई है।

हालांकि, रवि ने रिपोर्ट की सामग्री सार्वजनिक करने से इनकार करते हुए कहा कि यह पार्टी की आंतरिक जांच रिपोर्ट है।

उन्होंने कहा, “यह आंतरिक रिपोर्ट है। इसकी विस्तृत जानकारी साझा नहीं की जा सकती। जो जानकारी सार्वजनिक की जानी थी, वह पहले ही बता दी गई है।”

चुनाव परिणामों का हवाला देते हुए रवि ने दावा किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के 12 वोटों में क्रॉस वोटिंग हुई।

उन्होंने कहा, “भाजपा के दोनों उम्मीदवारों को 30-30 वोट मिले थे। एक उम्मीदवार को 29 वोट मिले और एक मत अमान्य घोषित हो गया। दूसरे उम्मीदवार को 27 वोट मिले, यानी तीन वोट कम रहे। वहीं, जद (एस) उम्मीदवार को 22 वोट मिलने थे, लेकिन उसे केवल 14 वोट मिले। इससे स्पष्ट है कि जद (एस) के आठ और भाजपा के चार, कुल 12 एनडीए वोटों में क्रॉस वोटिंग हुई।”

रवि ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि सत्तारूढ़ दल यह न समझे कि उसे ये वोट किसी सद्भावना के कारण मिले हैं।

उन्होंने कहा, “क्रॉस वोटिंग अनैतिक तरीकों का परिणाम है। कांग्रेस के नेता दूसरे राज्यों में ऐसी घटनाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताते रहे हैं, लेकिन अब उन्होंने स्वयं क्रॉस वोटिंग कराने के लिए अनैतिक तरीकों का सहारा लिया है। ऐसे में उन्हें अन्य राज्यों की घटनाओं पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।”

रवि ने कहा कि रिपोर्ट में पार्टी के अंदर उन पहलुओं का भी उल्लेख किया गया है, जहां अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत थी और संगठनात्मक स्तर पर हुई कमियों की भी पहचान की गई है।

उन्होंने बताया कि यह अंतरिम रिपोर्ट है। अब प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी की कोर कमेटी तय करेगी कि मामले में आगे और जांच की आवश्यकता है या नहीं।

गौरतलब है कि शुक्रवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने धर्मस्थल की यात्रा के दौरान कहा था कि उनका मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से कोई संबंध नहीं है और उन्होंने विधान परिषद चुनाव में क्रॉस वोटिंग को प्रोत्साहित करने के आरोपों को भी खारिज किया था।

वहीं, भाजपा से निष्कासित विधायक एस.टी. सोमशेखर ने गुरुवार को आरोप लगाया था कि केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे भाजपा विधायकों की क्रॉस वोटिंग के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने दावा किया था कि प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र और नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक के बीच आंतरिक खींचतान भी इस पूरे घटनाक्रम का एक कारण रही।

सोमशेखर ने यह भी आरोप लगाया था कि क्रॉस वोटिंग एक साजिश का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य विजयेंद्र और आर. अशोक को उनके पदों से हटाना था।

इससे पहले विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक और प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने नई दिल्ली में पार्टी नेतृत्व से मुलाकात कर कथित क्रॉस वोटिंग के मुद्दे पर विस्तृत जानकारी दी थी, जिसके बाद भाजपा ने पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच शुरू की।

–आईएएनएस

डीएससी

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